नई दिल्ली, 6 अगस्त। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में फिसलन की शिकायत मिलने के बाद निर्माण एजेंसी, इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने प्रभावित सड़क खंड की मरम्मत और गुणवत्ता सुनिश्चित होने तक टोल वसूली स्थगित रखने का निर्णय लिया है।
एनएचएआई के अनुसार, एक्सप्रेसवे के 64 किलोमीटर लंबे हिस्से में 26 जुलाई को सड़क पर फिसलन महसूस होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद तकनीकी जांच कराई गई और जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई।
प्राधिकरण ने निर्माण एजेंसी पर अनुबंध मूल्य का दो प्रतिशत जुर्माना लगाया है। साथ ही एजेंसी को भविष्य में एनएचएआई की नई परियोजनाओं की निविदाओं (टेंडर) में भाग लेने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
एनएचएआई ने बताया कि प्रभावित सड़क खंड को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने का काम जारी है। सड़क पूरी तरह सुरक्षित और मानक के अनुरूप होने तक इस हिस्से पर टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।
प्राधिकरण ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों तथा अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
