रायपुर, 4 अगस्त। आयुष औषधियों को और अधिक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण तथा भरोसेमंद बनाने की दिशा में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने ‘आयुष सुरक्षा पोर्टल’ शुरू किया है। यह डिजिटल मंच मरीजों, आयुष चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को आयुष औषधियों से जुड़ी जानकारी और शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा देगा।
इस पोर्टल के माध्यम से यदि किसी आयुष दवा के सेवन के बाद प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देता है, दवा की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो या किसी आयुष उत्पाद का भ्रामक एवं आपत्तिजनक विज्ञापन सामने आए, तो उसकी ऑनलाइन सूचना दर्ज कराई जा सकेगी। प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित प्राधिकारियों द्वारा जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आयुष सुरक्षा पोर्टल आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी जैसी सभी आयुष चिकित्सा पद्धतियों से संबंधित औषधियों और उत्पादों की निगरानी को मजबूत करेगा। इससे आयुष क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ आयुष विभाग ने प्रदेश के नागरिकों, आयुष चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि लोगों की सक्रिय भागीदारी से आयुष औषधियों की सुरक्षा और गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी संभव होगी, जिससे सुरक्षित उपचार व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जनविश्वास और सुदृढ़ होगा।
आयुष सुरक्षा पोर्टल पर शिकायत या फीडबैक ऑनलाइन दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित दवा, समस्या या विज्ञापन की जानकारी उपलब्ध करानी होगी, ताकि संबंधित एजेंसियां समयबद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
