पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पुनर्मूल्यांकन मामलों में जेएओ की भूमिका को पूर्वव्यापी रूप से स्पष्ट करने वाले प्रावधान को रद्द किया
चंडीगढ़, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम, 1961 में शामिल की गई धारा 147A को असंवैधानिक घोषित करते हुए रद्द कर दिया है। यह प्रावधान पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी कार्यवाही में क्षेत्राधिकार मूल्यांकन अधिकारी (JAO) की भूमिका को पूर्वव्यापी प्रभाव से स्पष्ट करने के लिए लाया गया था।
अदालत के सामने मुख्य मुद्दा धारा 147A की संवैधानिक वैधता और इसके पूर्वव्यापी प्रभाव से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं की ओर से इस प्रावधान को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद धारा 147A को संविधान के अनुरूप नहीं पाया और इसे रद्द कर दिया। फैसले का संबंध उन पुनर्मूल्यांकन कार्यवाहियों से है, जिनमें जेएओ की अधिकारिता को लेकर कानूनी विवाद उठा था।
धारा 147A को आयकर कानून में उस व्यवस्था के संदर्भ में जोड़ा गया था, जिसमें पुनर्मूल्यांकन की कार्यवाही के दौरान क्षेत्राधिकार मूल्यांकन अधिकारी की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। नए प्रावधान के जरिए इस स्थिति को पूर्वव्यापी प्रभाव से स्पष्ट करने का प्रयास किया गया था।
यह फैसला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में सामने आया है। मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही और संभावित अपील की स्थिति अलग से महत्वपूर्ण होगी।
