दूरसंचार विभाग ने दी चेतावनी, SIM का गलत इस्तेमाल हुआ तो आप भी फंस सकते हैं
रायपुर, 31 अगस्त 2026। क्या आपके नाम पर ऐसा SIM कार्ड भी चल रहा है, जिसका इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है? दूरसंचार विभाग ने मोबाइल कनेक्शन की सुरक्षा को लेकर लोगों को सतर्क किया है। विभाग ने नागरिकों को अपने नाम से जारी मोबाइल कनेक्शनों की जांच करने और संदिग्ध कनेक्शन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी है।
विभाग के अनुसार अपने नाम से लिया गया SIM किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना जोखिम भरा हो सकता है। यदि उस SIM का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में किया जाता है तो मूल ग्राहक के लिए भी कानूनी दायित्व की स्थिति बन सकती है।
संचार साथी से करें जांच
सरकार के संचार साथी प्लेटफॉर्म पर मोबाइल कनेक्शन से संबंधित नागरिक-केंद्रित सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से नागरिक अपने नाम से जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी की जांच कर सकते हैं और संदिग्ध या अनधिकृत कनेक्शन की स्थिति में रिपोर्ट कर सकते हैं।
कैसे करें जांच:
संचार साथी पोर्टल पर जाएं → मोबाइल कनेक्शन से संबंधित सेवा चुनें → मांगी गई जानकारी दर्ज कर सत्यापन करें → अपने नाम पर जारी कनेक्शनों की सूची देखें।
IMEI भी करें सत्यापित
दूरसंचार विभाग ने मोबाइल हैंडसेट के IMEI नंबर की भी जांच करने की सलाह दी है। संचार साथी के माध्यम से IMEI की जानकारी सत्यापित कर मोबाइल के ब्रांड, मॉडल और निर्माता संबंधी विवरण की पुष्टि की जा सकती है।
SIM देने से पहले सोचें
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अपने नाम पर SIM लेकर उसे किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपना, किराये पर देना या उधार देना भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है। इसी तरह फर्जी दस्तावेज से SIM लेना अथवा दूरसंचार पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ करना भी कानूनन अपराध है।
दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत दूरसंचार पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ और कुछ संबंधित अपराधों में तीन वर्ष तक की कैद, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
संचार साथी पोर्टल: sancharsaathi.gov.in
