नेपाल सीमा तक पहुंची ब्रॉडगेज रेल, 730 करोड़ की परियोजना पूरी

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56.15 किमी नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण पूरा; चार ट्रेनों का नेपालगंज रोड तक विस्तार

बहराइच, 31 अगस्त। नेपाल सीमा से लगे बहराइच क्षेत्र को अब ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिल गया है। करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से 56.15 किलोमीटर लंबे नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका शुभारंभ किया। इसके साथ ही चार मौजूदा रेल सेवाओं का विस्तार नेपालगंज रोड तक किया गया है।

रेलखंड के ब्रॉडगेज नेटवर्क से जुड़ने के बाद बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नेपालगंज रोड से गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में यात्रियों और माल की आवाजाही आसान होने के साथ व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

1886 में बना था मीटरगेज रेलखंड

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का मूल निर्माण 1886 में मीटरगेज के रूप में किया गया था। आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद यह अब ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क का हिस्सा बन गया है। विद्युतीकरण के बाद इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों का संचालन संभव होगा और डीजल ट्रैक्शन पर निर्भरता कम होगी।

चार रेल सेवाओं का नेपालगंज रोड तक विस्तार

यात्रियों की सुविधा के लिए रेल मंत्रालय ने चार मौजूदा रेल सेवाओं को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। इनमें वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस तथा गोंडा-बहराइच की दो जोड़ी रेल सेवाएं शामिल हैं।

इससे नेपालगंज रोड और आसपास के क्षेत्र के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों तक बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिए आवागमन करने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

सीमावर्ती क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

रेलवे के अनुसार, ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बेहतर रेल संपर्क से व्यापार, रोजगार, पर्यटन तथा सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

आकांक्षी जिले बहराइच के सीमावर्ती क्षेत्र के लिए यह परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेल संपर्क बेहतर होने से नेपाल सीमा से लगे इलाकों और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा।

नेपाल में बाढ़ पीड़ितों को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल में आई बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखा।

रेल मंत्री ने नेपाल की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों से भारत लाए जा रहे यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे विशेष कोच और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है।

आगे हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी पर जोर

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी की प्रस्तावित योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं से दिल्ली से उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों तक यात्रा का समय काफी कम होगा।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी के तहत दिल्ली-आगरा यात्रा करीब 58 मिनट, दिल्ली-कानपुर 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली-लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट, दिल्ली-प्रयागराज करीब तीन घंटे और दिल्ली-वाराणसी लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी करने का लक्ष्य है। प्रस्तावित कनेक्टिविटी को आगे पटना तक बढ़ाने की योजना भी बताई गई।

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