सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने रखे पक्ष-विपक्ष में विचार; समिति बोली- सभी सुझावों के अध्ययन के बाद तैयार होगा ड्राफ्ट
रायपुर, 8 सितंबर, वाय के न्यूज़। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया के तहत मंगलवार को दुर्ग में जनपरामर्श बैठक हुई। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे विषयों पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और आपत्तियां रखीं।
राज्य सरकार द्वारा गठित यूसीसी प्रारूप समिति की ओर से आयोजित बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. ज्योति रानी सिंह मौजूद रहीं। समिति ने कहा कि परामर्श के दौरान मिले सुझावों का अध्ययन करने के बाद यूसीसी का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
पारंपरिक मान्यताओं और कानूनी बदलाव पर चर्चा
बैठक में अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों ने समान नागरिक संहिता को लेकर अपने विचार रखे। चर्चा में पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ विवाह और पारिवारिक कानूनों में संभावित बदलावों के कानूनी और सामाजिक प्रभावों पर भी विचार किया गया।
विवाह और तलाक के साथ उत्तराधिकार, भरण-पोषण तथा लिव-इन संबंधों को लेकर प्रस्तावित कानूनी व्यवस्था पर भी सुझाव लिए गए। समिति ने सभी पक्षों की बात सुनने और उन्हें प्रारूप तैयार करते समय ध्यान में रखने की बात कही।
कई समाजों और संगठनों ने रखे सुझाव
जनपरामर्श में साहू समाज, मनवा कुर्मी समाज, कंवर समाज, चंद्रनाहू कुर्मी समाज, गोंडवाना सेवा समिति, आंध्र समाज, हलवा समाज, ताम्रकार समाज, यादव समाज, कंडरा आदिवासी समाज और मुस्लिम समाज युवा प्रभाग सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इसके अलावा सर्व आदिवासी समाज, गोंडवाना गोंड महासभा, बीएसपी एसटी कर्मचारी संघ, भारतीय बौद्ध महासभा और राम मंदिर ट्रस्ट बेमेतरा के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंच, प्रज्ञा वरिष्ठ नागरिक संघ, पेंशनर्स संघ, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधि भी परामर्श में शामिल हुए।
ऑनलाइन भी भेजे जा सकेंगे सुझाव
बैठक में अधिवक्ता प्रांजल शर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समान नागरिक संहिता के संभावित स्वरूप और प्रावधानों की जानकारी दी।
समिति ने आम नागरिकों और संगठनों से भी सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके लिए ucc.cgstate.gov.in वेबसाइट और ucc-chhattisgarh@cg.gov.in ई-मेल उपलब्ध कराया गया है।
बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सचिव एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्याम धावड़े, दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, एडीएम वीरेंद्र सिंह और एसडीएम प्रफुल्ल गुप्ता सहित दुर्ग, बालोद और बेमेतरा के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
