NTA में एक और बड़ी कार्रवाई, 600 विशेषज्ञ हटाए गए; प्रश्नपत्रों की चार स्तर पर होगी जांच

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नई दिल्ली, 18 अगस्त। वाय के न्यूज। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और परीक्षा सुरक्षा को लेकर अपनी व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू किया है। एजेंसी ने करीब 600 विषय विशेषज्ञों को अपने पैनल से हटाकर नए विशेषज्ञों को जोड़ना शुरू किया है। इसके साथ ही परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले प्रश्नपत्रों की चार स्तर पर जांच की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। यह बदलाव खास तौर पर UGC-NET के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियां सामने आने के बाद किया गया है।

प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया बदलेगी

ताजा जानकारी के अनुसार NTA ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाली विशेषज्ञ टीम में बदलाव किया है। करीब 600 विशेषज्ञों को हटाए जाने के बाद नए विशेषज्ञों को प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। अब प्रश्नपत्र परीक्षा में भेजे जाने से पहले कई स्तरों पर जांच से गुजरेंगे, ताकि तथ्यात्मक, भाषाई, तकनीकी और अन्य त्रुटियों की पहचान परीक्षा से पहले ही की जा सके।

यहां 600 विशेषज्ञों को हटाने और NTA के 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाने को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखना जरूरी है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के आधार पर 50 से अधिक NTA कर्मचारियों को भी हटाया गया है और एजेंसी में नए पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है।

गोपनीय परीक्षा व्यवस्था में भी बदलाव

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की समीक्षा के बाद NTA को परीक्षा प्रक्रिया और गोपनीय संचालन व्यवस्था का व्यापक ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें Confidential Operations (CONOPS) की पूरी व्यवस्था की समीक्षा, सुरक्षित एवं अलग कमरे, एयर-गैप्ड कंप्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निर्धारित स्थान पर जमा कराने जैसी व्यवस्थाओं को कड़ाई से लागू करने पर जोर दिया गया है।

NTA के कार्यालयों को नए परिसरों में स्थानांतरित करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की योजना भी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार इन परिसरों की सुरक्षा में CISF की भूमिका पर भी काम किया जा रहा है।

नेतृत्व स्तर पर भी बदलाव

NTA में नई पेशेवर विशेषज्ञता लाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। शिक्षा मंत्रालय की समीक्षा के बाद एजेंसी में महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार करीब 10 नेतृत्व पदों पर पेशेवरों को शामिल करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य परीक्षा सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और परीक्षण प्रक्रिया में विशेषज्ञता बढ़ाना है।

UGC-NET के तीन प्रश्नपत्रों में मिली थीं गंभीर खामियां

NTA में यह बदलाव ऐसे समय किया जा रहा है जब जून 2026 की UGC-NET परीक्षा के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। मामले की समीक्षा के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने इन प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल, भाषा और अनुवाद संबंधी खामियों के साथ प्रश्नों के दोहराव की समस्या भी चिन्हित की।

इन शिकायतों के बाद NTA ने इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया है। NTA की आधिकारिक UGC-NET वेबसाइट पर भी इन तीनों विषयों की पुनर्परीक्षा से संबंधित सार्वजनिक सूचना उपलब्ध है।

9 और 10 सितंबर को होगी पुनर्परीक्षा

UGC-NET जून 2026 के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर 9 और 10 सितंबर को दोबारा होंगे। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार इंग्लिश की परीक्षा 9 सितंबर को पहली पाली में, कॉमर्स की उसी दिन दूसरी पाली में और सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को पहली पाली में होगी। इन तीन विषयों के प्रभावित अभ्यर्थियों से पुनर्परीक्षा के लिए अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

NTA ने स्पष्ट किया है कि इन तीन विषयों की पुनर्परीक्षा का असर UGC-NET जून 2026 के अन्य 84 विषयों की परीक्षा पर नहीं पड़ेगा।

सवालों के दोहराव और भाषाई गलतियों ने बढ़ाई चिंता

UGC-NET के प्रभावित प्रश्नपत्रों को लेकर अभ्यर्थियों ने कई तरह की शिकायतें की थीं। सोशियोलॉजी के पेपर में विद्वानों और विचारकों के नामों की वर्तनी, भाषा और अनुवाद संबंधी गलतियां सामने आने की रिपोर्टें आईं। इंग्लिश और कॉमर्स के पेपर में पिछले प्रश्नपत्रों के प्रश्नों के दोहराव की शिकायत भी हुई। इन शिकायतों की समीक्षा के बाद तीनों विषयों की पुनर्परीक्षा का फैसला किया गया।

अब निगाह नई व्यवस्था के नतीजों पर

NTA के इस ओवरहाल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा के गोपनीय संचालन तक पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त जांच और सुरक्षा स्तर जोड़ना है। चार-स्तरीय प्रश्नपत्र जांच, नए विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति, गोपनीय संचालन व्यवस्था का ऑडिट और कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाने के कदमों का उद्देश्य भविष्य की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र संबंधी त्रुटियों और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को कम करना है।

NTA की अपनी वेबसाइट के अनुसार एजेंसी देशभर में उच्च शिक्षा से जुड़ी प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं के संचालन के लिए गठित स्वायत्त परीक्षा संस्था है। ऐसे में UGC-NET जैसे मामलों के बाद किए जा रहे बदलावों का सीधा संबंध लाखों अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम, प्रवेश और शैक्षणिक करियर से है।

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