छत्तीसगढ़ में भारतनेट के लिए 3,942 करोड़ रुपये मंजूर, 11,682 ग्राम पंचायतें होंगी कवर

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8,328 गांवों को मांग आधारित कनेक्टिविटी, तीन लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक फाइबर पहुंचाने का लक्ष्य

रायपुर, 18 अगस्त 2026। वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत 3,942 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है। इसके क्रियान्वयन के लिए दूरसंचार विभाग की डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (सीएसबीआईएल), बीएसएनएल और सीएचआईपीएस के बीच मंगलवार को नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ की 11,682 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। इनमें पहले चरण की 4,048 ग्राम पंचायतों के नेटवर्क को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 5,964 ग्राम पंचायतों को कवर किया जाएगा। इसके अलावा 1,670 नवगठित ग्राम पंचायतें भी नेटवर्क में शामिल होंगी।

8,328 गांवों में मांग के आधार पर कनेक्टिविटी

भारतनेट के तहत ग्राम पंचायतों के साथ-साथ गांवों तक लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पहुंचाने की योजना है। इसके तहत 8,328 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार के अनुसार, इस पहल से तीन लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन पहुंचने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और अन्य नागरिक सेवाओं तक पहुंच बढ़ सकती है।

सीएसबीआईएल के माध्यम से होगा क्रियान्वयन

छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (सीएसबीआईएल) के माध्यम से लागू किया जाएगा। समझौते पर डीबीएन प्रशासक श्याममल मिश्रा, छत्तीसगढ़ के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीएसबीआईएल के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल और बीएसएनएल के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) पापा सुधाकरा राव सहित संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को अपग्रेड और विस्तारित कर ग्राम पंचायतों तथा गांवों में मांग आधारित ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

छत्तीसगढ़ के लिए हुए समझौते को ग्रामीण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में तेज इंटरनेट पहुंचने से सरकारी सेवाओं और डिजिटल माध्यम से मिलने वाली शिक्षा, स्वास्थ्य एवं वित्तीय सेवाओं का दायरा बढ़ सकता है।

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