कैबिनेट ने पेपर लीक पर सख्त कानून को दी मंजूरी, प्रदर्शनकारियों से बातचीत जारी
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026, (वाय के न्यूज)। नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के विवाद के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। एनटीए ने 47 अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त (बर्खास्त) कर दी हैं। इनमें से कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार ने परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है।
इससे पहले केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। यह बदलाव नीट और अन्य परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच हुआ है।
केंद्र सरकार अगले एक महीने में एनटीए का पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत परीक्षा संचालन व्यवस्था, निगरानी तंत्र और आउटसोर्सिंग मॉडल में बदलाव किए जाएंगे। ये सुधार विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लागू किए जाएंगे।
पेपर लीक पर सख्त कानून को कैबिनेट की मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित कानून में दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों से बातचीत, मांगों पर अड़े छात्र
नीट और परीक्षा सुधारों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सरकार की ओर से बातचीत की गई। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग रखी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल प्रशासनिक बदलाव पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में स्थायी सुधार और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट में भी मामला
एनटीए और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। अदालत ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुधारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से जवाब मांगा है। मामले की आगे की सुनवाई में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर स्थिति स्पष्ट होगी।
नीट विवाद के बाद एनटीए में 47 कर्मियों की सेवा समाप्ति, उच्च शिक्षा विभाग में प्रशासनिक बदलाव और परीक्षा सुधारों की घोषणा को सरकार की ओर से उठाए गए बड़े कदमों के रूप में देखा जा रहा है।
