प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टंकण, अनुवाद और दोहराए गए सवालों की शिकायतों के बाद एनटीए का फैसला; 18 अगस्त तक आंसर-की पर आपत्ति
नई दिल्ली, 17 अगस्त। वाय के न्यूज। यूजीसी-नेट जून 2026 को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने एक साथ दो अहम फैसले किए हैं। एनटीए ने 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है, जबकि अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में मिली गंभीर त्रुटियों के कारण इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है।
एनटीए के अनुसार इन तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक और टंकण संबंधी गलतियों, अनुवाद की त्रुटियों तथा कुछ प्रश्नों के दोहराए जाने जैसी शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए गठित समिति ने पाया कि समस्याओं की प्रकृति ऐसी है कि केवल गलत प्रश्न हटाकर या उत्तर-कुंजी में सुधार करके निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए समिति ने तीनों विषयों की पुनर्परीक्षा की सिफारिश की।
9 और 10 सितंबर को होगी पुनर्परीक्षा
एनटीए की घोषणा के अनुसार अंग्रेजी की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इसी दिन वाणिज्य की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इन पुनर्परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि इन तीन विषयों के अभ्यर्थियों के लिए आगे की प्रक्रिया पुनर्परीक्षा के आधार पर पूरी की जाएगी। परीक्षा केंद्र और प्रवेश-पत्र से संबंधित जानकारी एनटीए की ओर से बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।
84 विषयों की आंसर-की जारी
दूसरी ओर, एनटीए ने यूजीसी-नेट जून 2026 के 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की, प्रश्नपत्र और अभ्यर्थियों की रिकॉर्डेड प्रतिक्रियाएं उपलब्ध करा दी हैं। अभ्यर्थी इन्हें अपने लॉगिन के माध्यम से देख सकते हैं और संभावित अंक का अनुमान लगा सकते हैं।
आंसर-की को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू हो चुकी है और 18 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। प्रत्येक चुनौती के लिए 200 रुपये का प्रसंस्करण शुल्क निर्धारित है। विशेषज्ञों द्वारा आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम उत्तर-कुंजी तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर परिणाम तैयार किया जाएगा।
अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र को इस चरण की सामान्य आंसर-की प्रक्रिया से अलग रखा गया है, क्योंकि इन तीनों विषयों की परीक्षा अब नए सिरे से होगी।
जून में हुई थी यूजीसी-नेट परीक्षा
यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा का आयोजन देशभर में कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में 22 से 30 जून के बीच किया गया था। एक स्थगित परीक्षा का पुनः आयोजन 5 जुलाई को किया गया था। परीक्षा 87 विषयों में आयोजित की गई थी।
यूजीसी-नेट के माध्यम से अभ्यर्थियों की जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ), सहायक प्रोफेसर पद के लिए पात्रता तथा पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित की जाती है। एनटीए के आधिकारिक पोर्टल पर भी जून 2026 परीक्षा के लिए तीनों विषयों की पुनर्परीक्षा और 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध हैं।
अब दो अलग प्रक्रियाओं पर नजर
इस फैसले के बाद यूजीसी-नेट जून 2026 के अभ्यर्थियों के लिए स्थिति दो हिस्सों में बंट गई है। 84 विषयों के अभ्यर्थी 18 अगस्त तक प्रोविजनल आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जबकि अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों को सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी।
एनटीए के इस फैसले का उद्देश्य प्रश्नपत्रों में सामने आई खामियों के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों के मूल्यांकन में किसी तरह की असमानता न रहने देना और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना है।
