सोशल मीडिया पर छाया ‘ऐ शिवा, बलोचिस्तान आज़ाद’ गीत, जानिए इसकी असली कहानी

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भगवान शिव और हिंगलाज माता का उल्लेख, 19 जुलाई को जारी हुआ था गीत; वीडियो में ‘बलोच लड़की’ का दावा, लेकिन गायिका की पहचान स्पष्ट नहीं

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘ऐ शिवा, बलोचिस्तान आज़ाद’ पंक्तियों वाला एक गीत तेजी से प्रसारित हो रहा है। गीत में भगवान शिव और हिंगलाज माता का उल्लेख करते हुए बलोचिस्तान की आजादी की कामना की गई है। कई पोस्ट में इसे एक बलोच लड़की द्वारा गाया गया आजादी का गीत बताया जा रहा है।

इसकी पड़ताल में सामने आया है कि ‘बलोचिस्तान आज़ाद’ नाम से यह गीत बियॉन्ड कॉन्शस के नाम से 19 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। संगीत मंचों पर इसे इसी नाम से दर्ज किया गया है। गीत की अवधि करीब चार मिनट है और इसका प्रकाशन कॉन्शस वाइब्स कलेक्टिव के नाम से दर्ज है।

यूट्यूब पर तेजी से बढ़े दर्शक

यूट्यूब पर इस गीत का वीडियो ‘बलोचिस्तान—बलोच लड़की ने भगवान शिव और हिंगलाज माता के लिए यह आजादी का गीत गाया’ जैसे शीर्षक के साथ उपलब्ध है। वीडियो बियॉन्ड कॉन्शस के चैनल पर है और हाल के दिनों में इसके दर्शकों की संख्या दस लाख से अधिक पहुंच चुकी है।

गीत के बोल में ‘ऐ शिवा, बलोचिस्तान-ए आज़ाद’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ जैसे शब्द सुनाई देते हैं। इसी वजह से यह गीत केवल बलोचिस्तान की राजनीतिक मांग से जुड़े संदेश के कारण ही नहीं, बल्कि शिव और हिंगलाज माता के धार्मिक संदर्भ के कारण भी भारतीय सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

क्या सचमुच किसी बलोच लड़की ने इसे गाया है?

यही इस वायरल गीत से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।

यूट्यूब वीडियो के शीर्षक में ‘बलोच लड़की’ का उल्लेख जरूर है, लेकिन उपलब्ध संगीत संबंधी आधिकारिक विवरण में गायक के रूप में बियॉन्ड कॉन्शस का नाम दर्ज है। संगीत संबंधी जानकारी में रचना और बोल भी बियॉन्ड कॉन्शस के नाम से दर्ज हैं।

इसलिए अभी उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर उस महिला की व्यक्तिगत पहचान, नाम या यह तथ्य कि वह वास्तव में बलोचिस्तान की निवासी है, स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं किया जा सकता।

गीत पुराना लोकगीत नहीं

संगीत मंचों के रिकॉर्ड से एक बात साफ है कि ‘बलोचिस्तान आज़ाद’ 19 जुलाई 2026 को जारी हुआ आधुनिक संगीत है। एप्पल म्यूजिक पर भी इसे बियॉन्ड कॉन्शस का एकल गीत बताया गया है और 19 जुलाई की रिलीज तारीख दर्ज है।

यूट्यूब पर इसी गीत का स्वत: निर्मित संगीत वीडियो भी 19 जुलाई 2026 की तारीख के साथ उपलब्ध है। उसके विवरण में इसे बियॉन्ड कॉन्शस का गीत बताया गया है।

बलोचिस्तान और हिंगलाज माता का संबंध

गीत में हिंगलाज माता का उल्लेख विशेष महत्व रखता है। हिंगलाज माता का प्रसिद्ध तीर्थ वर्तमान पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत के हिंगोल क्षेत्र में स्थित है और वहां हिंदू समुदाय की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है।

इसी धार्मिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को गीत में बलोचिस्तान की आजादी की कामना के साथ जोड़ा गया है। परिणामस्वरूप गीत में एक तरफ शिव और हिंगलाज माता की धार्मिक आस्था है तो दूसरी तरफ ‘आज़ाद बलोचिस्तान’ की राजनीतिक भावना।

सोशल मीडिया ने बढ़ाई पहुंच

गीत जुलाई में जारी होने के बावजूद अगस्त में सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। कई पोस्ट में इसे 11 अगस्त के आसपास बलोचिस्तान की स्वतंत्रता से जुड़े दावों के साथ साझा किया गया। 

हालांकि उपलब्ध संगीत रिकॉर्ड यह पुष्टि करते हैं कि गीत की आधिकारिक रिलीज 19 जुलाई 2026 को हो चुकी थी। इसलिए सोशल मीडिया पर इसके हालिया प्रसार और गीत के मूल निर्माण की तारीख को अलग-अलग समझना जरूरी है।

क्या है पक्की जानकारी?

अब तक उपलब्ध रिकॉर्ड से चार बातें स्पष्ट हैं—

  • गीत का नाम ‘बलोचिस्तान आज़ाद’ है।
  • इसे बियॉन्ड कॉन्शस के नाम से जारी किया गया है।
  • इसकी आधिकारिक रिलीज 19 जुलाई 2026 को हुई थी।
  • यूट्यूब वीडियो के शीर्षक में इसे बलोच लड़की द्वारा भगवान शिव और हिंगलाज माता के लिए गाया गया आजादी का गीत बताया गया है।

वहीं, गायिका का नाम और उसकी व्यक्तिगत पहचान अभी आधिकारिक संगीत विवरण से स्पष्ट नहीं है।

यहां सुनिए वह गीत

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