बांध झील टूटने का खतरा, बढ़ सकता है भोटे कोशी का जलस्तर
काठमांडू/बीजिंग, 28 अगस्त 2026। नेपाल-तिब्बत सीमा पर विनाशकारी बाढ़ से तबाही के बीच अब एक और बड़े खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। भोटे कोशी नदी के उद्गम क्षेत्र के पास बनी नई बांध झील के टूटने की आशंका है। अधिकारियों को डर है कि इसके टूटने पर पानी का तेज बहाव निचले इलाकों में नई तबाही ला सकता है और पहले से चल रहे बचाव अभियान में बड़ी बाधा पैदा हो सकती है।
सीमा के दोनों ओर बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है, जबकि 1545 लोग अब भी लापता हैं। बचाव दल नदी किनारों और अलग-थलग बस्तियों में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ के बहाव में बह गए शवों को भी निकाला जा रहा है। नेपाली सुरक्षाकर्मियों ने प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
भूकंप के बाद बढ़ी चिंता
दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत में शुक्रवार को 5.1 तीव्रता का भूकंप आने के बाद नेपाल में फिर बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते त्रिशुली क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल पुलिस के अनुसार, तिब्बत की ओर स्थित एक बांध फिर टूट गया है। इसके बाद वहां के निवासियों, सुरक्षाकर्मियों और बचावकर्मियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जलस्तर बढ़ने और भारी मशीनरी हटाए जाने के कारण त्रिशुली-रसुवा के बीच सड़क निर्माण कार्य भी रोक दिया गया है।
त्रिशुली और धोबी नदी क्षेत्रों में पानी बढ़ने से लोगों को घर, दुकानें और सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। दुर्गम भूभाग और खराब मौसम के बीच बचाव अभियान जारी है।
नेपाल में 290 भारतीय अब भी लापता
भारत ने नेपाल में फंसे लोगों की तलाश और राहत के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 290 भारतीय नागरिक अभी लापता हैं। भारत अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाल चुका है, जिनमें त्रिशुली-I जलविद्युत परियोजना के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 नागरिक शामिल हैं।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि मंत्रालय नेपाल सरकार, अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, पर्यटन संचालकों और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। खोज एवं बचाव अभियान में सहायता के लिए 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की और भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता का आश्वासन दिया।
