सेना को मिला माइनस 42 डिग्री में भी चलने वाला स्वदेशी डीजल

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

सेना प्रमुख ने लॉन्च किया एक्सट्रीम वेदर ग्रेड ईंधन, लद्दाख-सियाचिन जैसे इलाकों में बढ़ेगी परिचालन क्षमता

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। भारतीय सेना ने अत्यधिक ठंडे और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियानों को और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को स्वदेशी रूप से विकसित एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल लॉन्च किया। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नई दिल्ली में इस विशेष ईंधन का लोकार्पण किया।

भारतीय सेना और तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies-OMCs) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह डीजल माइनस 42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम करेगा। इससे सियाचिन, लद्दाख और अन्य ऊंचाई वाले बर्फीले क्षेत्रों में तैनात सेना के लड़ाकू और रसद वाहनों के संचालन में आसानी होगी।

क्यों थी जरूरत?

सामान्य डीजल अत्यधिक ठंड में गाढ़ा होकर ईंधन फिल्टर को जाम कर सकता है, जिससे वाहन स्टार्ट होने और संचालन में दिक्कत आती है। ऐसे हालात में सैनिकों को वाहनों को चालू रखने के लिए अतिरिक्त उपाय करने पड़ते हैं।

नया एक्सडब्ल्यूजी डीजल इस समस्या का समाधान करता है और बेहद कम तापमान में भी ईंधन के प्रवाह को बनाए रखता है।

बिना बदलाव के होगा इस्तेमाल

रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह ईंधन बीएस-6 मानकों और आईएस-1460:2025 विनिर्देशों के अनुरूप है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे भारतीय सेना के मौजूदा डीजल वाहनों में बिना किसी इंजन संशोधन या अतिरिक्त तकनीकी बदलाव के सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेना प्रमुख ने क्या कहा?

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने इसे स्वदेशी तकनीक पर आधारित क्रांतिकारी नवाचार बताया। उन्होंने कहा कि इससे चरम मौसम में सेना की गतिशीलता, परिचालन तत्परता और मिशन की विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब भीषण सर्दियों में वाहनों को चालू रखने के लिए अपनाई जाने वाली अतिरिक्त प्रक्रियाओं की आवश्यकता कम होगी, जिससे सैनिकों की सुरक्षा और मनोबल दोनों मजबूत होंगे।

उन्होंने भारतीय सेना और तेल विपणन कंपनियों की उस टीम की सराहना की, जिसने लगभग एक वर्ष के भीतर इस तकनीक को विकसित किया।

नागरिकों को भी होगा लाभ

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह तकनीक केवल सेना तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में इसका उपयोग लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश जैसे अत्यधिक ठंडे और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नागरिक वाहनों, निर्माण उपकरणों और अन्य डीजल आधारित मशीनों के लिए भी किया जा सकता है।


एक नजर में

बिंदुजानकारी
ईंधन का नामएक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल
लॉन्च31 जुलाई 2026
लॉन्चकर्तासेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ
तापमान क्षमता-42°C तक प्रभावी
विकसित कियाभारतीय सेना और तेल विपणन कंपनियों ने
मानकBS-6 एवं IS-1460:2025
उपयोगसेना के मौजूदा वाहनों में बिना इंजन संशोधन
संभावित नागरिक उपयोगलद्दाख, सियाचिन, हिमालयी और अत्यधिक ठंडे क्षेत्र

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक के विकास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इससे दुर्गम और अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में सेना की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, रसद व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बनेगी और भविष्य में नागरिक क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर