संसद मार्च पर बवाल: हिंसक झड़प के बाद कई एफआईआर, पुलिस साजिश के एंगल से कर रही जांच

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नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित “संसद चलो” मार्च सोमवार को हिंसक झड़प में बदल गया। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर टकराव हुआ। इस दौरान लाठीचार्ज, आंसू गैस, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हिंसा के पीछे किसी सुनियोजित साजिश की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़े गए, सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया और संसद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया गया। दर्ज एफआईआर में दंगा, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, साजिश के आरोपों पर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

वहीं छात्र संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को गैरजरूरी और अत्यधिक बल प्रयोग करार दिया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बिना पर्याप्त चेतावनी के लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में छात्रों को हिरासत में लिया गया और कई घायल हुए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं थी और भीड़ को संसद की ओर बढ़ने से रोकना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक था। पुलिस का दावा है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर न्यूनतम आवश्यक बल का इस्तेमाल किया गया।

घटना में घायल लोगों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि 100 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि हिंसा में उसके 100 से अधिक जवान घायल हुए, जिनमें कई अधिकारी भी शामिल हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, दोनों पक्षों के मिलाकर करीब 180 लोगों के घायल होने की सूचना है। हालांकि, श्रेणीवार आधिकारिक आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं।

इस घटना की गूंज संसद के भीतर भी सुनाई दी। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

अब तक क्या स्पष्ट है?

  • संसद की ओर मार्च के दौरान छात्र और पुलिस के बीच हिंसक टकराव हुआ।
  • दिल्ली पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
  • पुलिस हिंसा के पीछे संभावित साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।
  • छात्र संगठनों और पुलिस ने एक-दूसरे पर हिंसा के आरोप लगाए हैं।
  • दोनों पक्षों के घायल होने की पुष्टि हुई है, लेकिन संख्या को लेकर अलग-अलग दावे हैं।
  • घटना के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।

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