विभागीय टीप के नाम पर पेंशन रोकने की प्रथा बंद हो: पेंशनर्स महासंघ

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रायपुर, 24 जुलाई 2026 । भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने राज्य सरकार से मांग की है कि “विभागीय टीप” के नाम पर सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की पेंशन रोकने अथवा पेंशन प्रकरणों को लंबित रखने की प्रथा तत्काल बंद की जाए। महासंघ ने इस संबंध में मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को ज्ञापन भेजा है।

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वित्त विभाग द्वारा वर्ष 2021 और 2026 में जारी पेंशन संबंधी निर्देशों में “विभागीय टीप” के आधार पर पेंशन रोकने या प्रकरण लंबित रखने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद कुछ विभागों, विशेषकर स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग में, इस आधार पर पेंशन प्रकरणों का निराकरण नहीं किया जा रहा है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

महासंघ का कहना है कि वित्त विभाग की सरलीकृत व्यवस्था पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण का स्पष्ट निर्देश देती है। ऐसे में विभागीय टीप के आधार पर पेंशन रोकना वित्त विभाग के निर्देशों और विधिसम्मत प्रक्रिया के विपरीत है।

प्रेस विज्ञप्ति में महासंघ ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों में भी स्पष्ट किया गया है कि पेंशन कोई अनुग्रह नहीं, बल्कि कर्मचारी का अर्जित एवं वैधानिक अधिकार है। इसलिए केवल किसी विभागीय टिप्पणी के आधार पर इसे रोका नहीं जा सकता।

महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि केवल “विभागीय टीप” के आधार पर किसी भी कर्मचारी की पेंशन या पेंशन संबंधी लाभ नहीं रोके जाएं। साथ ही, ऐसे कारणों से लंबित सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर पेंशन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा बिना वैधानिक आधार के पेंशन प्रकरण लंबित रखने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।

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