लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पारित, एनटीए, परीक्षा सुधार और छात्र आंदोलनों पर तीखी बहस

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सत्ता पक्ष ने कहा- परीक्षा माफिया पर होगी सख्त कार्रवाई, विपक्ष ने जवाबदेही और व्यवस्था सुधार उठाए

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। संसद के मानसून सत्र में बुधवार को लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली और हालिया छात्र आंदोलनों की पृष्ठभूमि में सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत और तीखी चर्चा हुई।

विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कठोर कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं। संशोधन के जरिए पेपर लीक में शामिल संगठित गिरोहों, दलालों और तकनीकी नेटवर्क के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई, त्वरित जांच और शीघ्र सुनवाई का प्रावधान किया गया है।

चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेपर लीक को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर सर्वदलीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विपक्षी दलों ने विधेयक का समर्थन करते हुए भी सरकार से कई सवाल पूछे। विपक्षी सांसदों ने हालिया पेपर लीक मामलों में एनटीए की जवाबदेही, परीक्षा संचालन में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और परीक्षा सुधारों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी चर्चा के दौरान उठाया गया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में यह भी स्पष्ट किया कि हालिया प्रदर्शन के दौरान गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।

इस बीच, राज्यसभा में भी छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला बताते हुए अपने कदमों का बचाव किया।

कई दिनों के गतिरोध के बाद हुई इस चर्चा को संसद के मानसून सत्र की सबसे महत्वपूर्ण बहसों में माना जा रहा है। विधेयक के लोकसभा से पारित होने के बाद अब इसे राज्यसभा की मंजूरी मिलना शेष है।

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