‘रंग-तरंग’ में गूंजेंगी छत्तीसगढ़ की लोकधुनें, 1 से 3 सितंबर तक तीन दिवसीय आयोजन

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रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और आधुनिक सुरों के संगम को मंच देने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा ‘रंग-तरंग’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन 1, 2 और 3 सितंबर 2026 को रायपुर के सिविल लाइंस स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में होगा।

कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से शुरू होगा। आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जुड़े पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ संगीत की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां होंगी।

लोक वाद्यों के साथ आधुनिक संगीत का मेल

‘रंग-तरंग’ में पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की धुनों को आधुनिक संगीत के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संगीत परंपरा को नए अंदाज में दर्शकों तक पहुंचाना है।

आयोजन में प्रदेश की विभिन्न लोक परंपराओं, संगीत शैलियों और वाद्य संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके जरिए स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा।

युवाओं को संस्कृति से जोड़ने की पहल

संस्कृति विभाग के अनुसार कार्यक्रम का एक उद्देश्य प्रदेश की लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और पारंपरिक संगीत को समकालीन प्रस्तुतियों से जोड़ना है। इससे युवाओं और आम दर्शकों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में लोकधुनों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक संगीत के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को प्रस्तुत किया जाएगा।

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