भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए 12 क्षेत्रों पर नीति आयोग का फोकस

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ऑटोमोबाइल से खाद्य प्रसंस्करण तक क्षेत्रों की पहचान; स्थानीय मूल्यवर्धन, रोजगार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी पर जोर

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026। वाय के न्यूज। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने से जुड़े 12 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा, स्थानीय मूल्यवर्धन, रोजगार सृजन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में गहरे एकीकरण की क्षमता है।

रिपोर्ट का उद्देश्य भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रणनीतिक दिशा उपलब्ध कराना है।

इन 12 क्षेत्रों पर फोकस

रिपोर्ट में निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है—

  1. ऑटोमोबाइल
  2. इलेक्ट्रॉनिक्स
  3. इस्पात
  4. पूंजीगत वस्तुएं
  5. रक्षा और ड्रोन
  6. रसायन
  7. सौर ऊर्जा
  8. वस्त्र
  9. फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरण
  10. दूरसंचार उपकरण
  11. चमड़ा और जूते
  12. खाद्य प्रसंस्करण

विनिर्माण और निर्यात को विकास का आधार बनाने पर जोर

रिपोर्ट जारी करते हुए डॉ. लाहिड़ी ने कहा कि भारत की दीर्घकालिक विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में विनिर्माण क्षेत्र की भूमिका को और मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के आर्थिक विकास का अनुभव बताता है कि मजबूत विनिर्माण क्षमता और बढ़ते निर्यात सतत आर्थिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण आधार रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वैश्विक विनिर्माण परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। दुनिया भर की कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने के प्रयास कर रही हैं। ऐसे समय में भारत के सामने वैश्विक विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर है।

डॉ. लाहिड़ी ने उम्मीद जताई कि रिपोर्ट नीति निर्माताओं, केंद्र एवं राज्य सरकारों, उद्योग जगत और शोधकर्ताओं के लिए भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी संदर्भ का काम करेगी।

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