मुक्केबाजी और एथलेटिक्स से बढ़ी उम्मीदें
ग्लासगो, 29 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय दल का शानदार प्रदर्शन जारी है। अब तक मिले पदकों के बाद भारतीय खिलाड़ियों की नजरें आने वाले मुकाबलों में पदकों की संख्या बढ़ाने पर हैं। खासकर मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और अन्य स्पर्धाओं में भारत को कई पदकों की उम्मीद है।
मुक्केबाजी में भारत के लिए पदकों की राह मजबूत हो गई है। लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और जदुमणि सिंह मंदेंगबम (55 किग्रा) ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब इन खिलाड़ियों के पास अपने पदक का रंग बदलकर रजत या स्वर्ण तक पहुंचने का मौका है।
भारतीय मुक्केबाजों के सेमीफाइनल मुकाबले 31 जुलाई से शुरू होंगे। लवलीना बोरगोहेन का सेमीफाइनल मुकाबला भी इसी चरण में निर्धारित है।
एथलेटिक्स में भी मजबूत दावेदारी
एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा है। वहीं अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद बनी हुई है।
पैरा-एथलेटिक्स में स्वर्णिम सफलता
पैरा-एथलेटिक्स में शर्मिला धांकर ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत के अभियान को और मजबूत किया है। इस सफलता से भारतीय दल का मनोबल बढ़ा है।
पदक तालिका में भारत की स्थिति
भारत अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य सहित 12 पदक जीत चुका है। मुक्केबाजी के पक्के पदक और आगामी फाइनल मुकाबलों के साथ भारत की पदक संख्या में और इजाफे की संभावना है।
भारतीय दल के लिए आने वाले दिन बेहद अहम हैं। मुक्केबाजी के अलावा एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और पैरा खेलों में अच्छे प्रदर्शन के साथ भारत के पदक खाते में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
