एम्स्टेलवीन,16अगस्त 2026। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए मजबूत चीन को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए पूल डी के मुकाबले में भारत ने दो बार बढ़त बनाई, लेकिन चीन ने दोनों बार वापसी करते हुए मैच बराबरी पर खत्म किया।
भारत के लिए नवनीत कौर और दीपिका ने गोल किए, जबकि चीन की ओर से झांग यिंग और मा निंग ने गोल कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। भारत ने मैच की शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाया और बढ़त हासिल की, लेकिन दूसरे हाफ में चीन ने लगातार दबाव बनाया। अंतिम चरण में भारतीय रक्षापंक्ति को कई चुनौतीपूर्ण मौकों का सामना करना पड़ा, फिर भी टीम ने संयम बनाए रखते हुए बराबरी का परिणाम सुरक्षित किया।
यह ड्रॉ भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता टीम है। मुकाबले में चीन ने दूसरे हाफ में लंबे समय तक दबाव बनाए रखा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उसके आक्रमण का मजबूती से सामना किया।
भारतीय टीम के लिए यह परिणाम आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है। टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड मारियाने ने भी इसे महत्वपूर्ण ड्रॉ बताया। भारत की टीम में 11 खिलाड़ी पहली बार विश्व कप में खेल रहे हैं, ऐसे में मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन टीम के लिए खास मायने रखता है।
विश्व कप में भारत और चीन के अलावा पूल डी में दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड की टीमें हैं। भारत का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा।
पुरुष टीम के सामने इंग्लैंड की चुनौती
भारतीय पुरुष हॉकी टीम अब 17 अगस्त को पूल डी के अपने दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड का सामना करेगी। भारत ने विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत वेल्स को 3-1 से हराकर की थी। अब इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला टीम के लिए अधिक कठिन चुनौती माना जा रहा है।
इंग्लैंड ने अपने शुरुआती मुकाबले में पाकिस्तान को 4-1 से हराया है और वह अच्छी लय में है। ऐसे में भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाला मुकाबला पूल डी की स्थिति के लिहाज से अहम होगा।
भारत के पास वेल्स के खिलाफ मिली जीत से तीन अंक हैं, जबकि इंग्लैंड भी जीत के साथ मजबूत स्थिति में है। दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला अगले चरण की दौड़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
*एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 *का आयोजन 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स में हो रहा है। पुरुष और महिला—दोनों वर्गों में 16-16 टीमें खिताब के लिए मैदान में हैं।
