दिल्ली में आज से विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप, सिंधु-सात्विक-चिराग पर टिकीं भारतीय उम्मीदें

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17 साल बाद भारत में लौटेगा बैडमिंटन का सबसे बड़ा मंच, 23 अगस्त तक दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी दिखाएंगे दम

नई दिल्ली, 17 अगस्त। वाय के न्यूज। दुनिया के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों की मौजूदगी में बीएफडब्ल्यू विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का 30वां संस्करण आज से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में शुरू हो रहा है। सात दिन तक चलने वाली यह प्रतियोगिता 23 अगस्त को खिताबी मुकाबलों के साथ समाप्त होगी। भारत 17 साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2009 में हैदराबाद में विश्व चैंपियनशिप आयोजित हुई थी।

घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय चुनौती की अगुवाई पूर्व विश्व चैंपियन और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु तथा पुरुष डबल्स की शीर्ष भारतीय जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी करेगी। सिंधु महिला सिंगल्स में नौवीं वरीयता प्राप्त हैं, जबकि सात्विक-चिराग को पुरुष डबल्स में पांचवीं वरीयता मिली है।

जापान ओपन की जीत से सिंधु का आत्मविश्वास बढ़ा

पीवी सिंधु इस चैंपियनशिप में शानदार आत्मविश्वास के साथ उतर रही हैं। उन्होंने पिछले महीने जापान ओपन का खिताब जीता था। विश्व चैंपियनशिप में सिंधु अब तक पांच पदक जीत चुकी हैं, जिनमें 2019 का स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इस बार उनकी नजर विश्व चैंपियनशिप का छठा पदक जीतने पर होगी।

सिंधु अपने अभियान की शुरुआत आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ करेंगी। घरेलू दर्शकों के सामने खेलने को लेकर सिंधु ने उत्साह जताया है और जापान ओपन की जीत से मिले आत्मविश्वास को आगे ले जाने की उम्मीद व्यक्त की है।

महिला सिंगल्स में भारत की दूसरी खिलाड़ी उन्नति हुड्डा हैं। उन्नति उन भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जो पहली बार विश्व चैंपियनशिप के बड़े मंच पर उतर रही हैं।

लक्ष्य के सामने भी कड़ी चुनौती

पुरुष सिंगल्स में 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी भारतीय चुनौती संभालेंगे। लक्ष्य को 14वीं वरीयता मिली है। उनका शुरुआती मुकाबला ऑस्ट्रिया के कोलिन्स वैलेंटिन फिलिमोन से होगा।

वहीं आयुष शेट्टी के लिए शुरुआत ही बेहद कठिन है। उनका सामना पहले दौर में मौजूदा विश्व चैंपियन और शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन के शी यूकी से होगा। आयुष पहली बार विश्व चैंपियनशिप में उतर रहे हैं और एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुके हैं।

सात्विक-चिराग से पदक की बड़ी उम्मीद

पुरुष डबल्स में एशियाई खेलों के चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भारतीय चुनौती के सबसे मजबूत दावेदारों में हैं। पांचवीं वरीयता प्राप्त यह जोड़ी मई में सिंगापुर ओपन का खिताब जीत चुकी है। दोनों 2022 और 2025 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं और अब घरेलू मैदान पर पहली बार विश्व खिताब हासिल करने की कोशिश करेंगे।

भारत की दूसरी पुरुष डबल्स जोड़ी हरिहरन अमसाकरुणन और एमआर अर्जुन की है।

महिला और मिश्रित डबल्स में भी चुनौती

महिला डबल्स में भारत की ओर से त्रिसा जॉली-गायत्री गोपीचंद तथा कविप्रिया सेल्वम-सिमरन सिंघी की जोड़ियां उतरेंगी। कविप्रिया और सिमरन के लिए यह विश्व चैंपियनशिप पदार्पण भी है।

मिश्रित डबल्स में भारत की तीन जोड़ियां चुनौती पेश करेंगी। ध्रुव कपिला-तनीषा क्रास्टो को 15वीं वरीयता मिली है। इनके अलावा रोहन कपूर-रुत्विका गद्दे और आशित सूर्या-अमृता प्रमुतेश भी भारतीय दल में शामिल हैं। पांचों स्पर्धाओं में भारत की मौजूदगी घरेलू मैदान पर पदक के दावों को मजबूत करती है।

चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य दिग्गजों से मिलेगी चुनौती

विश्व चैंपियनशिप में भारत के सामने सिर्फ घरेलू दबाव ही नहीं, बल्कि दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों की कड़ी चुनौती भी होगी। पुरुष सिंगल्स में मौजूदा विश्व चैंपियन शी यूकी शीर्ष वरीयता प्राप्त हैं, जबकि महिला सिंगल्स में दक्षिण कोरिया की आन से-यंग शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं। विश्व के कई शीर्ष खिलाड़ी दिल्ली में खिताब के लिए उतर रहे हैं।

प्रतियोगिता में पुरुष और महिला सिंगल्स में 64-64 खिलाड़ी तथा तीनों डबल्स स्पर्धाओं में 48-48 जोड़ियां हिस्सा ले रही हैं। मुकाबले 17 से 23 अगस्त तक होंगे और पांचों वर्गों में विश्व चैंपियन का फैसला होगा।

2011 से लगातार पदक जीत रहा भारत

विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन पिछले डेढ़ दशक में लगातार मजबूत हुआ है। भारत ने अब तक एक स्वर्ण, चार रजत और 10 कांस्य सहित कुल 15 पदक जीते हैं। 1983 में प्रकाश पादुकोण के कांस्य पदक से शुरू हुआ भारत का पदक सफर 2011 के बाद लगातार जारी है।

2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की महिला डबल्स जोड़ी ने कांस्य पदक जीतकर लंबे अंतराल के बाद भारत को विश्व चैंपियनशिप में पदक दिलाया था। इसके बाद भारत ने हर संस्करण में कम से कम एक पदक जीता है। पीवी सिंधु ने 2019 में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण जीतकर नया इतिहास बनाया था।

अब दिल्ली में भारतीय खिलाड़ी इस पदक सिलसिले को बरकरार रखने के साथ घरेलू दर्शकों के सामने प्रदर्शन को और ऊंचाई देने की कोशिश करेंगे। सिंधु, लक्ष्य और सात्विक-चिराग जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ आयुष शेट्टी, उन्नति हुड्डा और अन्य युवा खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी।

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