बस्तर में टिन खरीदी बढ़ी, दो साल में भुगतान 90 लाख से बढ़कर 3.81 करोड़

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रायपुर, 31 अगस्त 2026। बस्तर संभाग में जनजातीय समुदायों द्वारा संग्रहित टिन अयस्क की खरीदी से मिलने वाला आर्थिक लाभ पिछले दो वर्षों में तेजी से बढ़ा है। छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707.2 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए करीब 90.82 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में टिन खरीदी बढ़कर 20,895.335 किलोग्राम हो गई और इसके लिए करीब 3.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

एक साल में टिन अयस्क की खरीदी करीब 2.4 गुना और इसके लिए किया गया भुगतान करीब 4.2 गुना बढ़ा है।

अब टिन संग्राहकों से खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए CMDC ने TIN (Tribal Incentives on Natural Resources) पोर्टल शुरू किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को इसका शुभारंभ किया। पोर्टल को इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित किया गया है।

LME आधारित मूल्य निर्धारण

पोर्टल में टिन के मूल्य निर्धारण के लिए लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) आधारित व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में टिन के मूल्य में होने वाले बदलावों के अनुरूप अधिक पारदर्शी मूल्य व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

विक्रय की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हितग्राही के बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है। इसके अलावा डिजिटल पंजीयन, QR कोड आधारित सत्यापन, स्मार्ट कार्ड, SMS अलर्ट और लेन-देन की डिजिटल जानकारी जैसी सुविधाएं भी पोर्टल में जोड़ी गई हैं।

छह क्रय केंद्रों से हो रही खरीदी

CMDC वर्तमान में बस्तर संभाग में छह टिन क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीदी कर रहा है। इनमें दंतेवाड़ा जिले के बचेली, कटेकल्याण और चिकपाल तथा सुकमा जिले के तोंगपाल, नामा और चिंतलनार शामिल हैं।

अधिक संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर टिन बेचने की सुविधा देने के लिए बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में तीन नए संग्रहण एवं क्रय केंद्र स्थापित करने की योजना है।

खरीदी प्रक्रिया में भी बदलाव

TIN पोर्टल के साथ टिन अयस्क की खरीदी से बिक्री तक के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक क्रय केंद्र के लिए अलग सैंपलिंग व्यवस्था की गई है। सैंपल की संख्या 12 से घटाकर छह कर दी गई है और प्रत्येक सैंपल का मानकीकरण 50 ग्राम किया गया है।

परीक्षण परिणाम को लेकर असहमति होने पर री-एनालिसिस का प्रावधान भी किया गया है। CMDC के अनुसार, इससे मासिक विश्लेषण शुल्क 14,400 रुपये से घटकर 7,200 रुपये हो गया है और सालाना करीब 10 लाख रुपये की संभावित बचत होगी।

2013 में बनी थीं टिन संग्रहण समितियां

बस्तर के दक्षिणी क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय लंबे समय से टिन अयस्क का संग्रहण करते रहे हैं। वर्ष 2013 में दंतेवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पांच टिन अयस्क संग्रहण सहकारी समितियों का गठन किया गया था। अब डिजिटल पोर्टल के जरिए इस व्यवस्था को पंजीयन, खरीदी, मूल्य निर्धारण और भुगतान से जोड़ा जा रहा है।

CMDC का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से खरीदी, स्टॉक, परिवहन, बिक्री और भुगतान की निगरानी अधिक पारदर्शी होगी तथा हितग्राहियों को भुगतान की जानकारी भी समय पर मिल सकेगी।

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