चंडीगढ़, 13 अगस्त। वाय के न्यूज। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में 454 फार्मेसी ऑफिसर के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पर 17 सितंबर तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने केशव कंबोज और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया।
याचिकाकर्ताओं ने पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी ऑफिसर के 454 पदों के लिए 19 जुलाई को आयोजित लिखित परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा में एक संगठित धोखाधड़ी रैकेट ने अनियमितताएं कीं।
इस मामले में 28 जुलाई को पारित अंतरिम आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय याचिका पर सुनवाई के बाद लिया जाएगा। अब अदालत ने भर्ती प्रक्रिया पर 17 सितंबर तक रोक लगा दी है।
परीक्षा के दौरान पकड़ा गया था अंतरराज्यीय रैकेट
पंजाब पुलिस ने 19 जुलाई को फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान कथित अंतरराज्यीय धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से बैटरी से चलने वाले 27 वायरलेस उपकरण बरामद किए।
जांच के दौरान परीक्षा में पेन कैमरा और रियल टाइम डिक्टेशन उपकरणों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, रैकेट ने उम्मीदवारों से परीक्षा में पास कराने की गारंटी के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये से लेकर 13 लाख रुपये तक की रकम वसूलने का दावा किया था।
25 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा
454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर में बनाए गए 25 परीक्षा केंद्रों पर करीब सात हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा का आयोजन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने किया था।
घटना को लेकर विपक्षी दलों ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह से इस्तीफे की मांग भी की है।
हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
