देश में 32 फर्जी विश्वविद्यालय, यूजीसी ने जारी की चेतावनी

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राज्यों से संस्थान बंद कराने और एफआईआर दर्ज कराने को कहा, छात्रों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली, 6 अगस्त, वाय के न्यूज । देश में फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने फरवरी 2026 तक 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय के रूप में चिन्हित किया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसे संस्थानों को बंद कराने, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और छात्रों को ठगी से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांता मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है और केंद्र तथा राज्य सरकारें मिलकर इस क्षेत्र में कार्य करती हैं। यूजीसी समय-समय पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करता है। फरवरी 2026 में प्रकाशित नवीनतम सूची में 32 संस्थानों को फर्जी घोषित किया गया है।

मंत्री ने बताया कि यूजीसी ने इन संस्थानों को स्पष्टीकरण, कारण बताओ नोटिस, अनुपालन पत्र और चेतावनी नोटिस जारी किए हैं। साथ ही छात्रों और आम लोगों को सतर्क करने के लिए यूजीसी की वेबसाइट पर सार्वजनिक चेतावनी भी जारी की गई है।

यूजीसी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, शिक्षा सचिवों और प्रधान सचिवों को पत्र लिखकर ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा यूजीसी अधिनियम, 1956 का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया है।

केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि जो संस्थान स्वयं को “विश्वविद्यालय” बताकर अवैध रूप से डिग्रियां बांट रहे हैं या अपने नाम के साथ “विश्वविद्यालय” शब्द का गलत इस्तेमाल कर छात्रों को गुमराह कर रहे हैं, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही यदि किसी राज्य में ऐसा कोई अन्य फर्जी विश्वविद्यालय संचालित हो रहा है, जिसका नाम यूजीसी की सूची में शामिल नहीं है, तो उसकी जानकारी भी यूजीसी और केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई जाए।

यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों से किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की जांच करने की अपील की है। फर्जी विश्वविद्यालयों की अद्यतन सूची यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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