नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। देश के विभिन्न हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। पूर्वोत्तर, पूर्वी तटीय और दक्षिणी राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल, ओडिशा, असम सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
असम सबसे अधिक प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आधिकारिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार राज्य में बाढ़ और वर्षाजनित घटनाओं में अब तक 97 लोगों की मौत हो चुकी है। 15 जिले प्रभावित हैं, 481 गांव जलमग्न हैं और 1.68 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है तथा प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
केरल में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा
केरल में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। आईएमडी ने राज्य के 13 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भी अलर्ट
ओडिशा के तटीय और कुछ आंतरिक जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों के उफान और समुद्र में ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
अन्य राज्यों में भी बारिश का दौर
आईएमडी के अनुसार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य भारत, पश्चिमी घाट और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना है। विभाग ने स्थानीय प्रशासन और आम लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा भूस्खलन और फ्लैश फ्लड संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
राष्ट्रीय स्तर पर मृत्यु का एकीकृत आंकड़ा नहीं
देशभर में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुई मौतों का कोई एकीकृत आधिकारिक राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र सरकार या राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं किया गया है। विभिन्न राज्यों के आंकड़े संबंधित राज्य सरकारें और आपदा प्रबंधन एजेंसियां अलग-अलग जारी कर रही हैं। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर मृत्यु संख्या के संबंध में अलग-अलग स्रोतों में भिन्न आंकड़े सामने आ रहे हैं।
