बॉम्बे हाईकोर्ट ने छह साल की पुलिस जांच पर उठाए सवाल; कहा- जांच जवाब देने के बजाय और सवाल खड़े करती है
मुंबई, 3 सितंबर, वाय के न्यूज़।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर सभी पहलुओं की गहन जांच करने और मुंबई पुलिस से केस के रिकॉर्ड हासिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति आर.आर. भोंसले की पीठ ने कहा कि पुलिस की जांच करीब छह साल तक चली, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अदालत के अनुसार, पुलिस की जांच “जवाब देने के बजाय और सवाल खड़े करती है।” अदालत ने मामले में कई गंभीर विसंगतियां भी पाईं और इसे उचित एवं ठोस जांच का विषय माना।
अदालत ने कहा कि पुलिस के पास पर्याप्त अवसर था, लेकिन उसने संज्ञेय अपराध की विस्तृत जांच के लिए एफआईआर दर्ज नहीं की। जांच को इतने लंबे समय तक जारी रखना भी उचित नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच में किसी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाएगा, जब तक उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री से उचित संदेह पैदा न हो।
2020 में हुई थी दिशा की मौत
दिशा सालियन की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत से गिरने के बाद हुई थी। मुंबई पुलिस ने उस समय आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर जांच की थी। पुलिस ने बाद में इसे आत्महत्या माना था।
दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित आवास में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध को लेकर लंबे समय से अटकलें लगती रही हैं। दिशा के पिता सतीश सालियन ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए विस्तृत जांच की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके आदेश में किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। सीबीआई जांच के दौरान यदि अपराध के पर्याप्त सबूत नहीं मिलते हैं तो एजेंसी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर सकती है।
