
रायपुर, 03 अगस्त। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समारोह में साहित्यकार एवं वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय आशीष सिंह की पुस्तक ‘सत्याग्रह’ का विमोचन किया। हरि ठाकुर स्मारक संस्थान, रायपुर के सहयोग से प्रकाशित यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जल, जंगल और जमीन से जुड़े जनसंघर्षों तथा सत्याग्रहों के इतिहास को रेखांकित करती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, स्वर्गीय आशीष सिंह के सुपुत्र उपमन्यु सिंह एवं अभिमन्यु सिंह सहित साहित्यकार, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन के उन महत्वपूर्ण अध्यायों को सामने लाती है, जिनमें जल-जंगल के अधिकारों की रक्षा के लिए हुए संघर्षों का विस्तृत वर्णन है। उन्होंने कहा कि बस्तर के वन आंदोलनों से लेकर धमतरी के ऐतिहासिक कंडेल नहर सत्याग्रह और राजनांदगांव क्षेत्र के जनआंदोलनों तक की घटनाएं नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराती हैं।
उन्होंने कहा कि कंडेल नहर सत्याग्रह के दौरान बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव के आग्रह पर महात्मा गांधी का धमतरी आगमन छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव था। डॉ. रमन सिंह ने शहीद रामाधीन गोंड, त्यागमूर्ति प्यारेलाल सिंह तथा हरि ठाकुर के योगदान का भी स्मरण किया।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि स्वर्गीय आशीष सिंह ने इस पुस्तक में कंडेल नहर सत्याग्रह, नत्थूजी जगताप, नारायणराव मेघावाले, शहीद रामाधीन गोंड, पंडित सुंदरलाल शर्मा सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और जल-जंगल के संघर्षों का तथ्यपरक एवं विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत किया है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन के लिए हरि ठाकुर स्मारक संस्थान को बधाई दी।
इस अवसर पर प्रभात मिश्रा, शशांक शर्मा तथा साहित्यकार वीरेन्द्र बहादुर ने भी पुस्तक के ऐतिहासिक और साहित्यिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
