छात्रावास में जहरीले सांप ने छह बच्चियों को डसा, तीन की मौत

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जमीन पर सो रही थीं छात्राएं, तीन का अस्पताल में इलाज जारी; कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

गढ़चिरौली, 11 अगस्त 2026। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में जहरीले सांप के डसने से तीन नाबालिग छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्राओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना ने आदिवासी छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना जिले के धानोरा तालुका के जप्तलाई गांव स्थित सहायता प्राप्त आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में 9 अगस्त की रात करीब दो बजे हुई। बताया गया है कि छात्राएं छात्रावास में सो रही थीं, तभी एक जहरीले सांप ने छह बच्चियों को डस लिया।

सांप के काटने के बाद सभी छात्राओं को उपचार के लिए पहले धानोरा अस्पताल ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बाद में गढ़चिरौली जिला अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान तीन छात्राओं की मौत हो गई। मृत छात्राओं की उम्र 8, 12 और 14 वर्ष बताई गई है।

घटना में घायल तीन अन्य छात्राओं की उम्र 11 से 14 वर्ष के बीच बताई गई है। उनका गढ़चिरौली जिला अस्पताल में उपचार जारी है। इनमें एक छात्रा की स्थिति गंभीर बताई गई है।

जमीन पर सोने को लेकर उठे सवाल

प्रारंभिक रिपोर्टों में सामने आया है कि छात्रावास में छात्राओं के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण वे जमीन पर गद्दे बिछाकर सो रही थीं। हालांकि, छात्रावास में बिस्तर और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में वास्तविक स्थिति क्या थी तथा घटना में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही होगा।

घटना के समय छात्रावास की व्यवस्थाओं और जिम्मेदार कर्मचारियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे हैं।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

घटना की गंभीरता को देखते हुए गढ़चिरौली के कलेक्टर अविष्यंत पांडा ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच में छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, सांपों से बचाव के इंतजाम और घटना के दौरान बरती गई सावधानियों की पड़ताल की जा रही है।

प्रशासन की जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

तीन बच्चियों की मौत ने आदिवासी क्षेत्र के आवासीय छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खासकर ग्रामीण और वन क्षेत्र से जुड़े छात्रावासों में सांपों तथा अन्य वन्यजीवों से बचाव के लिए नियमित निरीक्षण और सुरक्षित आवास की व्यवस्था कितनी प्रभावी है, यह घटना इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताती है।

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