पीपीपी मॉडल पर होगी विकसित
रायपुर। बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के पास स्थित तीरथ गांव में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से टेंट सिटी विकसित की जाएगी। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर तैयार होगी। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) की बैठक में चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित टेंट सिटी चित्रकोट जलप्रपात से लगभग 500 मीटर की दूरी पर बनाई जाएगी। परियोजना के तहत पर्यटकों के लिए ठहरने की आधुनिक सुविधा के साथ एडवेंचर गतिविधियां, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉन्फ्रेंस हॉल भी विकसित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि चित्रकोट क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए समग्र मास्टर प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि टेंट सिटी बनने से बस्तर में सालभर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बैठक में परियोजना के वित्तीय प्रबंधन और पीपीपी मॉडल के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसमें वित्त विभाग, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

