अमित शाह बोले- भारतीय भाषाओं को AI से जोड़ना होगा
कोलकाता, 19 जुलाई 2026 । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ (शब्द संग्रहालय) के पहले चरण का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत की भाषाओं, ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। साथ ही उन्होंने भारतीय भाषाओं को डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शाह ने कहा कि संग्रहालय भाषा की यात्रा को ‘ॐ’ से लेकर व्याकरण, श्रुति-स्मृति, ताड़पत्र, शिलालेख, मुद्रण तकनीक और AI युग तक दर्शाता है। उनके अनुसार, यह केवल संग्रहालय नहीं, बल्कि भारत की बहुभाषी चेतना, सांस्कृतिक विकास और ज्ञान परंपरा का अनुभवात्मक दस्तावेज है।
उन्होंने कहा कि भाषा, शब्द और संस्कृति एक-दूसरे से जुड़े हैं। “शब्दों से भाषा बनती है, भाषा से संस्कृति का निर्माण होता है। यदि नई पीढ़ी इस यात्रा को नहीं समझेगी तो सांस्कृतिक पुनर्जागरण अधूरा रहेगा।”
गृह मंत्री ने सुझाव दिया कि भारतीय भाषाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप AI-सक्षम बनाया जाए, ताकि वे आने वाले समय में भी प्रासंगिक बनी रहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को अपनी मातृभाषा के साथ कम-से-कम एक अन्य भारतीय भाषा भी सीखनी चाहिए।
शाह ने कहा कि बंगाल लंबे समय तक भारतीय सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है और उन्हें विश्वास है कि राज्य एक बार फिर देश के सांस्कृतिक एवं बौद्धिक नेतृत्व की भूमिका निभाएगा। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत और भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य में भाषा और संस्कृति की भूमिका को भी रेखांकित किया।
उन्होंने परिवार को भाषा की पहली पाठशाला बताते हुए मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा, विश्वविद्यालयों में मौलिक चिंतन, पुस्तकालयों और संग्रहालयों को युवाओं से जोड़ने तथा भारतीय भाषाओं के डिजिटलीकरण को भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल करने की अपील की।
