रायपुर, 21 अगस्त। वाय के न्यूज। रायपुर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 400 केवी रायता उपकेंद्र से दलदलसिवनी स्थित निर्माणाधीन 220 केवी उपकेंद्र तक 27 किलोमीटर लंबी 220 केवी डबल सर्किट लाइन चालू कर दी गई है। इसके साथ ही रायपुर के सप्लाई ग्रिड को जांजगीर-चांपा जिले के मड़वा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह से सीधे जोड़ने का रास्ता तैयार हो गया है।
करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस लाइन के माध्यम से कंपनी के अनुसार रायपुर की लगभग 40 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति मड़वा ताप विद्युत गृह से सीधे की जा सकेगी। राजधानी में सामान्य दिनों में बिजली की मांग करीब 500 से 700 मेगावाट रहती है।
मड़वा ताप विद्युत गृह में 500-500 मेगावाट क्षमता की दो ताप विद्युत उत्पादन इकाइयां संचालित हैं। नई ट्रांसमिशन लाइन से रायपुर की घरेलू और गैर-घरेलू बिजली आपूर्ति के साथ उरला, सिलतरा और मेटल पार्क के औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

हालांकि नई लाइन के चालू होने के बाद भी दलदलसिवनी स्थित 2×160 एमवीए क्षमता का 220/132/33 केवी उपकेंद्र अभी निर्माणाधीन है। इसके निर्माण का काम अंतिम चरण में बताया गया है। उपकेंद्र चालू होने के बाद रायपुर की उच्च दाब विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था और मजबूत होगी तथा 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने कंप्यूटर पर क्लिक कर रायता उपकेंद्र से नई लाइन का चार्जिंग कार्य पूरा कराया। यह लाइन कुशल, सिलियारी, पथरी, टोर, बरबंदा, नेवरा, मटिया, दोंदेखुर्द, सेमरिया, गिरहोली, मांढ़र, गिरौद, बरौदा, टेकरी और उरकुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ को बधाई दी है। कंपनी के चेयरमैन सुबोध कुमार सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे रायपुर की विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

