रिटायर हाईकोर्ट जजों की सुविधाओं पर एक समान नीति बने: सुप्रीम कोर्ट

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

केंद्र को दो सप्ताह में समिति गठित करने का निर्देश, तीन महीने में मांगी सिफारिशें

नई दिल्ली, 21 जुलाई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर एक समिति गठित करे, जो देशभर के हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों को मिलने वाली सेवानिवृत्ति के बाद की सुविधाओं के लिए एक समान नीति का मसौदा तैयार करे। अदालत ने कहा कि विभिन्न राज्यों में इन सुविधाओं में काफी असमानता है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों को सुरक्षा, सरकारी आवास, चालक, घरेलू सहायक, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अन्य सुविधाएं राज्यों के अनुसार अलग-अलग मिलती हैं। ऐसी स्थिति में पूरे देश के लिए एक समान नीति बनाई जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से दो सप्ताह के भीतर समिति गठित करने को कहा है। अदालत ने निर्देश दिया कि समिति गठन की तारीख से तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे। समिति यह भी सुझाव देगी कि इन सुविधाओं पर होने वाले खर्च का वहन केंद्र और राज्य सरकारें किस प्रकार साझा करें।

यह निर्देश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों को मिलने वाली सुरक्षा तथा अन्य सेवानिवृत्ति सुविधाओं से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया। अदालत ने कहा कि राज्यों में इन सुविधाओं में मौजूद असमानता को दूर करने के लिए पूरे देश में एक समान नीति बनाई जानी चाहिए।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर