इंडिगो की रिकॉर्ड इंजन डील, एयर इंडिया भी तेजी से बढ़ा रही बेड़ा

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भारतीय विमानन की नई उड़ा

नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026 (वाय के न्यूज डेस्क)। भारत का विमानन क्षेत्र दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल हो गया है। बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को देखते हुए देश की दो प्रमुख एयरलाइंस—इंडिगो और एयर इंडिया—अपने बेड़े के विस्तार और आधुनिकीकरण पर बड़े निवेश कर रही हैं। ताजा घटनाक्रम में इंडिगो ने विमानन इतिहास की सबसे बड़ी इंजन डील में से एक पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि एयर इंडिया भी अपने विशाल विमान ऑर्डर को तेजी से अमल में ला रही है।

इंडिगो ने ब्रिटेन के फर्नबरो एयर शो में CFM इंटरनेशनल के साथ 1,000 से अधिक LEAP-1A इंजनों के लिए समझौता किया है। ये इंजन एयरलाइन के 510 एयरबस A320neo परिवार के विमानों में लगाए जाएंगे। कंपनी के अनुसार यह LEAP इंजनों का अब तक का सबसे बड़ा एकल ऑर्डर है। समझौते में भारत में इंजन रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधा स्थापित करने का भी प्रावधान है, जिससे विदेशी रखरखाव पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, टाटा समूह की एयर इंडिया अपने बेड़े के व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण पर काम कर रही है। कंपनी पहले ही एयरबस और बोइंग से सैकड़ों विमानों का ऑर्डर दे चुकी है। विस्तारा के विलय के बाद एयर इंडिया घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत करने के साथ अपने विमानों के केबिन अपग्रेड और नई सेवाओं पर भी ध्यान दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों एयरलाइंस की यह आक्रामक विस्तार रणनीति भारत में तेजी से बढ़ रहे हवाई यात्री बाजार का संकेत है। विमान खरीद, इंजन सौदे और रखरखाव ढांचे में निवेश से आने वाले वर्षों में देश की विमानन क्षमता और परिचालन दक्षता बढ़ने की संभावना है।

उद्योग जगत की एक साझा मांग भी सामने आई है। इंडिगो और एयर इंडिया सहित कई एयरलाइंस लंबे समय से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे परिचालन लागत कम हो सकती है और इसका लाभ भविष्य में यात्रियों को भी मिल सकता है।

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