आज ‘हम होंगे कामयाब’ के रचनाकार गिरिजा कुमार माथुर का जन्म दिन

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आलेख : स्वराज्य करुण


स्कूल -कॉलेजों के कार्यक्रमों से लेकर जन आंदोलनों तक समवेत स्वरों में गाया जाने वाले लोकप्रिय जनगीत ‘ हम होंगे कामयाब ‘ को हमने और आपने कभी न कभी जरूर सुना होगा । गुनगुनाया भी होगा।आज इस गीत के रचनाकार स्वर्गीय गिरिजा कुमार माथुर को याद करने का दिन है। आज उनका जन्म दिन है ।
दरअसल ‘हम होंगे कामयाब ‘ जैसी कालजयी रचना अमेरिका में रंगभेद विरोधी क्रांतिकारी जन आंदोलन के नेता मार्टिन लूथर किंग के प्रसिद्ध समूह गीत ‘वी शेल ओव्हर कम ‘ का हिंदी भावानुवाद है । यह भावानुवाद गिरिजा कुमार माथुर ने किया था। देखते ही देखते भारत के हिंदी प्रदेशों में यह गीत जनता की जुबान पर चढ़ गया ।
गिरिजाकुमार माथुर का जन्म 22 अगस्त 1919 को मध्यप्रदेश के अशोकनगर (जिला -गुना) में और निधन 10 जनवरी 1994 को नईदिल्ली में हुआ था । उनके प्रमुख कविता संग्रहों में ‘धूप के धान ‘ , शिला पंख चमकीले ‘ , मैं वक्त के हूँ सामने’ और ‘नाश और निर्माण’ तथा नाटकों में ‘छाया मत छूना मन ‘ उल्लेखनीय हैं । माथुर साहब का पहला काव्य संग्रह ‘मंजीर ‘ वर्ष 1941 में प्रकाशित हुआ था जिसकी भूमिका महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने लिखी थी । वैसे गिरिजाकुमार जी के लेखन की शुरुआत वर्ष 1934 में ब्रज भाषा की रचनाओं से हुई थी । उन्होंने ‘सवैया ‘ लेखन से अपनी शुरुआत की थी ।
उनकी कविताएं अज्ञेय जी द्वारा सम्पादित हिन्दी के सात रचनाकारों के संयुक्त काव्य संग्रह ‘तारसप्तक’ में भी शामिल है ,जिसका प्रकाशन वर्ष 1943 में हुआ था । गिरिजाकुमार माथुर को उनके काव्य संग्रह ‘मैं वक्त के हूँ सामने ‘ पर वर्ष 1991 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । वह ‘आकाशवाणी ‘और ‘ दूरदर्शन ‘के उपमहानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे । उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप प्रस्तुत है उनकी यह प्रसिद्ध रचना —

*होंगे कामयाब , होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब एक दिन
मन में है विश्‍वास ,पूरा है विश्‍वास
हम होंगे कामयाब…. एक दिन !

होगी शान्ति चारों ओर ,होगी शान्ति चारों ओर
होगी शान्ति चारों ओर एक दिन
मन में है विश्‍वास पूरा है विश्‍वास,
हम होंगे कामयाब…. एक दिन !

नहीं डर किसी का आज नहीं भय किसी का आज
नहीं डर किसी का आज के दिन
मन में है विश्‍वास पूरा है विश्‍वास
हम होंगे कामयाब… एक दिन !
हम चलेंगे साथ-साथ ,डाल हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ साथ… एक दिन
मन में है विश्‍वास पूरा है विश्‍वास
हम होंगे कामयाब एक दिन!*
*

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