खतरनाक सफाई कराने के मामलों में 193 एफआईआर दर्ज, लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। देश में 1 जनवरी 2021 से 30 जून 2026 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई के दौरान 332 सफाई कर्मचारियों की मौत हुई है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बताया कि ये मौतें 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त रिपोर्टों पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में खतरनाक तरीके से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई कराने के मामलों में संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ 193 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
सरकार के अनुसार, हाथ से मैला ढोने वाले कर्मियों के रूप में रोजगार निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत किसी व्यक्ति से हाथ से मैला ढोने या खतरनाक परिस्थितियों में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई कराना प्रतिबंधित है। कानून के उल्लंघन पर दो साल तक की जेल, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
लोकसभा में दिए गए जवाब में सरकार ने यह भी कहा कि हाल में सभी जिलों में कराए गए सर्वेक्षण में हाथ से मैला ढोने की प्रथा का कोई मामला सामने नहीं आया। वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मशीनीकृत सीवर सफाई व्यवस्था के क्रियान्वयन का अलग से कोई राष्ट्रीय मूल्यांकन नहीं किया गया है।
सरकार ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने, मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने और कानून के सख्ती से पालन के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं।
