नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। संसद ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल पर शिकंजा कसने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को गुरुवार देर शाम राज्यसभा से भी पारित कर दिया। इससे एक दिन पहले यह विधेयक लोकसभा से पारित हो चुका था।
विधेयक पर राज्यसभा में लंबी और तीखी बहस हुई। सत्ता पक्ष ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला कानून बताया, जबकि विपक्ष ने सरकार को हालिया पेपर लीक मामलों पर घेरते हुए विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए। इसके बावजूद सदन ने विधेयक को मंजूरी दे दी।
इधर, संसद से विधेयक पारित होने के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देर रात एक बार फिर सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश के साथ सामने आए। उन्होंने कहा कि यह कानून देश के करोड़ों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के भरोसे को मजबूत करेगा तथा पेपर लीक माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का रास्ता खोलेगा। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार बच्चों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।
सरकार के अनुसार संशोधित कानून में पेपर लीक, संगठित परीक्षा धोखाधड़ी और अन्य अनुचित गतिविधियों के खिलाफ पहले से अधिक कड़े दंड और सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।
