लोक भवन में सांस्कृतिक संध्या, खैरागढ़ विश्वविद्यालय के कलाकारों ने पेश की जीवन और रचनाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका
रायपुर, 8 सितंबर, वाय के न्यूज़। भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी के अवसर पर मंगलवार को लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में डॉ. हजारिका के संगीत, कला और सांस्कृतिक योगदान को याद करते हुए उनकी रचनाओं को प्रस्तुतियों के जरिए श्रद्धांजलि दी गई।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि डॉ. हजारिका का संगीत सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं था। उनकी रचनाओं में समाज, प्रकृति, संस्कृति, मानवीय संवेदना और राष्ट्रीय एकता की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का काम किया और सामाजिक समरसता तथा भाईचारे का संदेश दिया।

कार्यक्रम में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कलाकारों ने डॉ. हजारिका के जीवन और रचनाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। प्रस्तुति के माध्यम से उनके जीवन और संगीत यात्रा के विभिन्न पहलुओं को मंच पर जीवंत किया गया।
महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति, पंडरी के कलाकारों ने भी डॉ. हजारिका के प्रसिद्ध गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी। प्रस्तुतियों के बाद राज्यपाल ने कलाकारों की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, विधायक पुरंदर मिश्रा और अनुज शर्मा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना तथा संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
