बच्चों और किशोरों में बढ़ते मोटापे पर चिंता, पैकेटबंद और जंक फूड से बचाने पर जोर

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 । बच्चों और किशोरों में बढ़ते मोटापे और गलत खानपान से होने वाली बीमारियों पर चिंता जताते हुए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (आईसीएमआर-एनआईएन) ने स्वस्थ खानपान को बढ़ावा देने के लिए नई नीतिगत सिफारिशें जारी की हैं। इसमें कहा गया है कि बच्चों को पैकेटबंद और जंक फूड से बचाना, स्कूलों में स्वस्थ भोजन का माहौल बनाना और कम उम्र से ही अच्छी खानपान की आदत विकसित करना जरूरी है।

नई दिल्ली में आयोजित ‘लेट्स फिक्स आवर फूड’ कार्यशाला में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास ने यह दस्तावेज जारी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरों को मोटापे तथा खानपान से जुड़ी गैर-संचारी बीमारियों से बचाने के लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा।

दस्तावेज में पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर स्पष्ट पोषण जानकारी देने, बच्चों को जंक फूड के विज्ञापनों के प्रभाव से बचाने, अधिक नमक, चीनी और वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने, स्कूलों में पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने जैसे सुझाव दिए गए हैं।

आईसीएमआर-एनआईएन की निदेशक डॉ. भारती कुलकर्णी ने कहा कि यह पहल वैज्ञानिक शोध पर आधारित है और इसका उद्देश्य बच्चों के लिए स्वस्थ खानपान का बेहतर माहौल तैयार करना है।

करीब तीन वर्षों के शोध और विशेषज्ञों के परामर्श के आधार पर तैयार इस दस्तावेज का मकसद बच्चों और किशोरों में स्वस्थ खानपान की आदत विकसित करना तथा भविष्य में मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करना है।


फास्ट फूड और जंक फूड

अक्सर लोग फास्ट फूड और जंक फूड को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों में स्पष्ट अंतर है। हर फास्ट फूड जंक फूड नहीं होता और हर जंक फूड फास्ट फूड की श्रेणी में भी नहीं आता।

फास्ट फूड वह भोजन है, जिसे कम समय में तैयार कर तुरंत परोसा जाता है। इसमें पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, रोल या नूडल्स जैसे व्यंजन शामिल हैं। यदि इन्हें ताजी सब्जियों, पनीर जैसी पौष्टिक सामग्री से संतुलित तरीके से तैयार किया जाए, तो ये अपेक्षाकृत स्वास्थ्यवर्धक भी हो सकते हैं।

वहीं, जंक फूड ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनमें पोषण बहुत कम या लगभग नहीं के बराबर होता है। इनमें कैलोरी, चीनी, नमक और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक होती है, जबकि विटामिन, खनिज और फाइबर जैसे आवश्यक पोषक तत्व बहुत कम होते हैं। चिप्स, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक, कैंडी, पैकेज्ड स्नैक्स और कई तरह के प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ इसके प्रमुख उदाहरण हैं।


पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर