भारत ने नेपाल को राहत की खेप भेजी, फंसे भारतीयों को निकालने का अभियान जारी; राज्य सरकार भी लगातार संपर्क में
रायपुर, 28 अगस्त। वाय के न्यूज। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग अब भी लापता हैं। नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र से सामने आ रहे आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। इसी बीच विदेश मंत्रालय के ताजा अपडेट के अनुसार नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। करीब 400 अन्य भारतीय चीन के तिब्बत क्षेत्र में फंसे होने की जानकारी है।
छत्तीसगढ़ के दो नागरिक अब भी लापता
नेपाल की बाढ़ में छत्तीसगढ़ से जुड़ी दो महिलाएं अब भी लापता हैं। इनमें बिलासपुर की प्रियंका चौधरी और सरगुजा की डॉ. मीना गुप्ता शामिल हैं। दोनों के बारे में परिजन और प्रशासन नेपाल में संबंधित एजेंसियों से जानकारी जुटा रहे हैं।
शुरुआत में छत्तीसगढ़ की कुछ अन्य महिलाओं के भी लापता होने की सूचना आई थी, लेकिन बाद में उनके परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया। इसलिए फिलहाल प्रदेश से दो लोगों के लापता होने की जानकारी सामने है।
छत्तीसगढ़ के किसी नागरिक की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। राहत एवं बचाव अभियान जारी रहने के कारण प्रदेश के नागरिकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
नेपाल में तबाही, मृतकों का आंकड़ा लगातार बदल रहा
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ ने रसुवा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है। 27 अगस्त तक उपलब्ध रिपोर्टों में 392 मौतों की पुष्टि की गई थी, जिनमें नेपाल में 389 और तिब्बत में तीन मौतें शामिल थीं। वहीं करीब 1,468 लोग लापता बताए गए थे।
हालांकि 28 अगस्त को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े और बढ़ने की जानकारी सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि मलबे और दुर्गम इलाकों में खोज अभियान के आगे बढ़ने के साथ आंकड़े बदल सकते हैं।
भारतीय नागरिकों में कितने लोगों की मौत हुई है, इसका एक समान और ताजा आधिकारिक आंकड़ा अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए भारतीय मृतकों की संख्या को फिलहाल निश्चित आंकड़े के रूप में दर्ज करना उचित नहीं होगा।
320 भारतीयों से संपर्क नहीं
विदेश मंत्रालय के 28 अगस्त के ताजा अपडेट के अनुसार नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इससे पहले विभिन्न अपडेट में यह संख्या 288 से 290 के बीच बताई गई थी। बचाव अभियान के दौरान संपर्क स्थापित होने के साथ यह संख्या बदल रही है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र से 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर दिल्ली पहुंचाया गया है। भारत नेपाल और चीन दोनों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
इसके अलावा करीब 400 भारतीय चीन के तिब्बत क्षेत्र में प्रभावित/फंसे होने की जानकारी दी गई है। वहां से भी भारतीय नागरिकों को निकालने के प्रयास जारी हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ाया समन्वय
छत्तीसगढ़ सरकार नेपाल में फंसे प्रदेश के नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों से संपर्क बनाए रखने के लिए संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है।
राज्य प्रशासन का फोकस तीन स्तरों पर है—लापता नागरिकों का पता लगाना, सुरक्षित नागरिकों की वापसी में सहायता करना और नेपाल तथा केंद्र सरकार से लगातार स्थिति की जानकारी प्राप्त करना।
प्रदेश से जुड़े लापता नागरिकों के संबंध में जैसे-जैसे सत्यापित जानकारी मिल रही है, उसे परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत सरकार ने नेपाल को भेजी राहत सामग्री
भारत ने नेपाल की आपदा से निपटने के लिए राहत सामग्री भेजी है। इसमें टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, जनरेटर, किचन सेट, दवाएं और खाद्य सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।
भारत ने राहत सामग्री की अतिरिक्त खेप भेजने की भी तैयारी की है। इसके साथ ही भारत ने नेपाल को खोज एवं बचाव सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की मदद की पेशकश की है।
हालांकि नेपाल की ओर से विदेशी खोज एवं बचाव दलों की आवश्यकता को लेकर अलग रुख सामने आया है। इसलिए भारत की एनडीआरएफ टीम के नेपाल पहुंचने की बात फिलहाल नहीं कही जा सकती।
विदेश मंत्रालय कर रहा नेपाल और चीन से समन्वय
विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। नेपाल और चीन में भारतीय मिशनों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया जा रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी नेपाल और चीन में भारतीय अधिकारियों से संपर्क कर राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली है। भारत का प्रयास प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है।
नेपाल में अभी भी चुनौती बड़ी
बाढ़ और भूस्खलन से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। दुर्गम इलाकों में मलबा हटाने और प्रभावित लोगों तक पहुंचने में बचाव दलों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राहत एजेंसियां मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं। कई इलाकों में संपर्क बहाल करने का काम भी जारी है। इसी वजह से मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बदल रही है।
अभी की स्थिति
छत्तीसगढ़: 2 नागरिक लापता; प्रदेश के किसी नागरिक की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं।
भारत: नेपाल में करीब 320 नागरिकों से संपर्क नहीं; करीब 400 भारतीय तिब्बत क्षेत्र में प्रभावित/फंसे बताए गए।
सुरक्षित निकासी: 21 भारतीय दिल्ली पहुंचाए गए।
नेपाल-तिब्बत आपदा: मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा लगातार अपडेट हो रहा है।
राहत: भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री भेजी गई; अतिरिक्त सहायता और बचाव सहयोग जारी है।
