नई दिल्ली, 6 अगस्त (वाय के न्यूज)। देश में तेजी से बढ़ती विमानन सेवाओं के लिए प्रशिक्षित पायलटों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के सात हवाई अड्डों पर 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) स्थापित करने के लिए आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किए। इससे देश की वार्षिक पायलट प्रशिक्षण क्षमता में 750 कैडेट की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
वर्तमान में देश के 63 फ्लाइंग बेस से 41 फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन संचालित हो रहे हैं। नए प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने से घरेलू स्तर पर पायलट प्रशिक्षण को मजबूती मिलेगी और विदेशी प्रशिक्षण पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मंत्री ने सभी मौजूदा एफटीओ के साथ गोलमेज बैठक की अध्यक्षता भी की और एफटीओ आईएफआर स्लॉट बुकिंग ऐप का शुभारंभ किया। यह मोबाइल ऐप प्रशिक्षण संस्थानों को विभिन्न एएआई हवाई अड्डों पर उपलब्ध इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) प्रशिक्षण स्लॉट की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा देगा।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में देश में छह नए एफटीओ स्थापित हुए हैं और प्रशिक्षण विमानों की संख्या 324 से बढ़कर 385 हो गई है। इससे वार्षिक उड़ान प्रशिक्षण घंटों में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (सीपीएल) जारी होने की संख्या 2024 में 1,347 से बढ़कर 2025 में 1,652 हो गई, जो पिछले एक दशक का सबसे अधिक आंकड़ा है। वर्ष 2026 में इसमें और वृद्धि की उम्मीद है।
मंत्री के अनुसार भारतीय एयरलाइनों ने फिलहाल 1,640 नए विमानों का ऑर्डर दिया है और अगले पांच वर्षों में लगभग 500 विमान बेड़े में शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए देश में प्रशिक्षित पायलटों की बड़ी आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने एफटीओ नीति में उदारीकरण, हवाई अड्डा रॉयल्टी समाप्त करने, भूमि किराया युक्तिसंगत बनाने, सीपीएल परीक्षा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण तथा इलेक्ट्रॉनिक लाइसेंस जारी करने जैसे कई सुधार किए हैं। साथ ही स्वदेशी हंसा-3 (एनजी) प्रशिक्षण विमान के विकास को भी आत्मनिर्भर विमानन क्षेत्र की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। अंत में उन्होंने सभी प्रशिक्षण संस्थानों से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
