टैंक से मिसाइल तक, 405 रक्षा सामान अब देश में बनेंगे

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3,070 करोड़ रुपये के बाजार में भारतीय कंपनियों को मौका, आयात घटाने पर जोर

नई दिल्ली, 18 अगस्त। वाय के न्यूज। भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने 405 सामरिक रूप से महत्वपूर्ण रक्षा वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची जारी की है। इन वस्तुओं का अनुमानित व्यापार मूल्य करीब 3,070 करोड़ रुपये है। स्वदेशीकरण पूरा होने के बाद इनकी खरीद भारतीय रक्षा उद्योग से ही की जाएगी।

नई सूची में केवल हथियार ही नहीं, बल्कि सेना और वायुसेना के टैंकों, हेलीकॉप्टरों, लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, युद्धपोतों और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले स्पेयर पार्ट्स, कल-पुर्जे, उप-प्रणालियां, कंपोनेंट और कच्चा माल भी शामिल हैं।

सुखोई से टी-90 और मिसाइल तक

405 वस्तुओं की सूची में एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, सुखोई-30 एमकेआई, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एएल-31एफपी इंजन से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं।

जमीनी युद्धक प्रणालियों में टी-72, टी-90 और बीएमपी-II जैसे टैंकों और बख्तरबंद वाहनों से संबंधित सामान शामिल हैं। इसके अलावा युद्धपोतों, कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम मिसाइल प्रणालियों, रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणालियों से जुड़े उपकरण भी सूची में हैं।

उच्च विस्फोटक टैंक रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों को भी स्वदेशीकरण के दायरे में लाया गया है।

389 वस्तुएं रक्षा उपक्रमों की, 16 तटरक्षक बल की

नई सूची में 389 वस्तुएं रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) से संबंधित हैं, जबकि 16 वस्तुएं भारतीय तटरक्षक बल की जरूरतों से जुड़ी हैं।

हर वस्तु के स्वदेशीकरण के लिए एक संकेतात्मक समयसीमा तय की गई है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन वस्तुओं की खरीद घरेलू रक्षा उद्योग से की जाएगी।

एमएसएमई और स्टार्टअप को भी मिलेगा काम

इस कदम का सीधा फायदा देश की रक्षा विनिर्माण कंपनियों के साथ एमएसएमई और स्टार्टअप को भी मिल सकता है। रक्षा उपक्रम और तटरक्षक बल स्वदेशीकरण के लिए उद्योग के साथ मिलकर काम करेंगे।

इससे छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए रक्षा क्षेत्र की सप्लाई चेन में प्रवेश के अवसर बढ़ सकते हैं।

पहली पांच सूचियों में 5,012 वस्तुएं

रक्षा उत्पादन विभाग ने अगस्त 2020 में सृजन रक्षा पोर्टल शुरू किया था। इसके जरिए रक्षा उपक्रम और सैन्य सेवा मुख्यालय उन सामानों और उपकरणों को भारतीय उद्योग के सामने रखते हैं, जिन्हें देश में विकसित और बनाया जा सकता है।

सरकार के अनुसार, जून 2026 तक सृजन पोर्टल के माध्यम से 33,000 से अधिक रक्षा सामग्री स्वदेशीकरण के लिए उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इनमें पहली पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियों की 5,012 वस्तुएं शामिल हैं।

15,700 से ज्यादा वस्तुओं का स्वदेशीकरण

सरकार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 15,700 से अधिक रक्षा वस्तुओं का स्वदेशीकरण सफलतापूर्वक किया गया है। इससे करीब 9,000 करोड़ रुपये के आयात प्रतिस्थापन का अनुमान है।

रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों ने मार्च 2026 तक घरेलू विक्रेताओं को करीब 10,000 करोड़ रुपये के खरीद आदेश भी दिए हैं।

क्या है सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची?

सरल शब्दों में, यह ऐसी रक्षा वस्तुओं की सूची है जिन्हें सरकार देश में ही विकसित और निर्मित कराने के लिए चिन्हित करती है। इनका स्वदेशीकरण होने के बाद संबंधित सामान के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होती है और घरेलू कंपनियों को सरकारी रक्षा खरीद में अवसर मिलता है।

नई 405 वस्तुओं की सूची इसी प्रक्रिया का छठा चरण है। सरकार का कहना है कि इससे रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, घरेलू उद्योग को बाजार मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।

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