सरकार ने तीन JPSC परीक्षाएं रद्द करने समेत कई मांगें मानीं, छात्रों का आंदोलन जारी; पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार
रांची, 10 अगस्त 2026। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। आंदोलन के 17वें दिन छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने पानी की बौछार के साथ आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की बात सामने आई है।
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगें मानीं
राज्य सरकार का कहना है कि बातचीत के दौरान छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। हालांकि छात्र इस दावे से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर अब भी फैसला नहीं हुआ है।
सरकार ने 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा तथा 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है।
इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ाने की बात सरकार की ओर से कही गई है।
CGL रद्द करने और CBI जांच पर गतिरोध
आंदोलन का सबसे बड़ा गतिरोध JSSC-CGL परीक्षा और CBI जांच को लेकर है।
छात्र JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की CBI से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने CGL परीक्षा रद्द करने की मांग स्वीकार नहीं की है। उसका कहना है कि यह परीक्षा न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निर्देशों के तहत हुई थी।
सरकार ने CGL से जुड़े मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच का विकल्प दिया है। छात्र इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं और CBI जांच की मांग पर कायम हैं।
विधानसभा मार्च के दौरान टकराव
सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर मार्च करते हुए आगे बढ़े। प्रशासन ने विधानसभा के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और बैरिकेड लगाए गए थे।
प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड के पास पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया।
शाम तक प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास भी पहुंच गए। इससे कुछ समय के लिए विधानसभा परिसर में आने-जाने की व्यवस्था प्रभावित हुई। प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की।
पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार
छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को CID ने गिरफ्तार किया। वे 22 जुलाई को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
CID भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, खियांगते की गिरफ्तारी इसी जांच के सिलसिले में हुई है। उनके खिलाफ लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
खियांगते की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या 20 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
JPSC के तीन सदस्यों ने भी दिया इस्तीफा
आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद—ने इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।
इन सदस्यों को CID ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था।
इससे पहले JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते भी पद से इस्तीफा दे चुके थे।
छह छात्र भूख हड़ताल पर
आंदोलन के दौरान छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इनमें JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो भी शामिल हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद सरकार की ओर से उनसे आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की गई थी।
महतो सोमवार को एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में शामिल हुए।
बातचीत के बावजूद आंदोलन जारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
दूसरी ओर, छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
इस तरह सरकार की ओर से कई मांगें स्वीकार किए जाने के बावजूद JPSC-JSSC विवाद का समाधान अभी पूरी तरह नहीं हुआ है। 10 अगस्त की शाम तक आंदोलन जारी है और विधानसभा मार्च के दौरान हुए टकराव ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
