केवल आंदोलन के आधार पर लाठीचार्ज उचित नहीं ठहराया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

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छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई, 28 जुलाई को होगी आगे की सुनवाई


नई दिल्ली, 27 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल इसलिए कि आंदोलन हो रहा है, लाठीचार्ज को उचित नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण और वैध विरोध प्रदर्शन संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन केवल आंदोलन होने के आधार पर बल प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता।
याचिकाओं में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और अन्य पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने सहित कई मांगें उठाई गई हैं। वहीं कुछ पुलिसकर्मियों के परिजनों की ओर से भी याचिका दायर कर प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हुए कथित हमलों का मुद्दा उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी पक्षों की दलीलों पर एक साथ विचार करने का निर्णय लिया।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र इस मामले में न्यायालय की सहायता करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई 28 जुलाई के लिए निर्धारित की है। उस दिन सभी पक्षों की दलीलों पर विस्तार से सुनवाई होगी।

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