आयुर्वेद और आधुनिक सर्जरी के समन्वय पर जुटे 9 देशों के विशेषज्ञ

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‘सौश्रुतम्-2026’ का समापन, आईआईटी दिल्ली से अनुसंधान साझेदारी पांच साल के लिए बढ़ी

नई दिल्ली, 18 जुलाई 2026 (वाय के न्यूज)। आयुष मंत्रालय के तहत अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ‘सौश्रुतम्-2026’ का शुक्रवार को समापन हो गया। भारत, यूनाइटेड किंगडम, इजराइल, ऑस्ट्रिया, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, नेपाल और ग्रीस के विशेषज्ञों ने आयुर्वेद और आधुनिक सर्जरी के समन्वय पर मंथन किया। इस दौरान एआईआईए ने आईआईटी दिल्ली के साथ अनुसंधान एवं नवाचार संबंधी एमओयू को अगले पांच वर्षों के लिए नवीनीकृत किया।

राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआईएसएम) की अध्यक्ष वैद्य मनीषा कोठेकर ने कहा कि ऐसे आयोजन आयुर्वेद शिक्षा, शोध और पेशेवर सहयोग को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को नए अवसर प्रदान करते हैं।

एआईआईए के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने कहा कि संगोष्ठी का उद्देश्य आयुर्वेद और आधुनिक शल्य चिकित्सा के बीच वैज्ञानिक संवाद, शोध और नवाचार को बढ़ावा देना है।

संगोष्ठी के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) योगेश बडवे ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समापन समारोह में एआईआईए की वार्षिक हिंदी पत्रिका ‘आयुषवल्लारी’ के तीसरे अंक, ‘नेत्र रोग : सामान्य जानकारी और निवारण’ पुस्तक तथा ‘सौश्रुतम्-2026’ स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

संगोष्ठी में आईएमएस-बीएचयू, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (जयपुर), आईटीआरए जामनगर, एम्स, एसजीपीजीआई और सर गंगाराम अस्पताल सहित देश के प्रमुख चिकित्सा एवं आयुर्वेद संस्थानों के 30 से अधिक विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए।

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