दिल्ली में गूंजा छत्तीसगढ़ के दो बांधों का मामला

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राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति की बैठक में हुई चर्चा

रायपुर, 18 जुलाई 2026 (वाय के न्यूज)। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति (एनसीडीएस) की 12वीं बैठक में छत्तीसगढ़ के बलरामपुर स्थित लुटी (सतबहिनी) जलाशय और धमतरी के राजाडेरा बांध की विफलता (फेल्योर) के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग ने दोनों घटनाओं पर तकनीकी प्रस्तुति देते हुए कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों की जानकारी समिति के समक्ष रखी।

केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों के प्रतिनिधियों, राज्य बांध सुरक्षा संगठनों के प्रमुखों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में देशभर में बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के क्रियान्वयन और बांधों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

समिति ने सभी राज्यों को दिसंबर 2026 तक अधिसूचित बांधों की व्यापक सुरक्षा जांच, जोखिम आकलन (रिस्क असेसमेंट) और आपातकालीन कार्य योजना (इमरजेंसी एक्शन प्लान) तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) मैनुअल, जलाशयों में गाद (सिल्ट) की समस्या और जोखिम आधारित सुरक्षा प्रणाली पर काम तेज करने को कहा गया।

लुटी और राजाडेरा मामले बने चर्चा का केंद्र

बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से लुटी (सतबहिनी) जलाशय और राजाडेरा बांध की विफलता पर विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

सितंबर 2025 में लुटी जलाशय का तटबंध टूटने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई और आसपास के गांवों में व्यापक नुकसान हुआ था।

वहीं नवंबर 2025 में राजाडेरा बांध में ब्रीच (कटाव) की घटना हुई थी। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) ने इससे पहले अपने निरीक्षण में बांध में कई संरचनात्मक और रखरखाव संबंधी कमियां चिन्हित की थीं। बाद में इन कमियों को लेकर राज्य सरकार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

बांध सुरक्षा के लिए नए मानकों पर सहमति

बैठक में महत्वपूर्ण बांधों की सुरक्षा और निगरानी के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार करने, बांध टूटने की घटनाओं की जांच का एक समान प्रारूप विकसित करने, जोखिम आधारित सुरक्षा प्रणाली लागू करने तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) में बांध सुरक्षा अध्याय को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर सहमति बनी।

समिति ने बांध सुरक्षा से जुड़े इंजीनियरों के प्रशिक्षण को और मजबूत करने का भी फैसला किया। इसके तहत आईआईटी रुड़की, आईआईएससी बेंगलुरु के साथ क्षेत्रीय एनआईटी संस्थानों को भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना बनाई जाएगी।

बैठक के अंत में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति ने सभी राज्यों से कहा कि वे बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के प्रावधानों को समयबद्ध तरीके से लागू करें और दिसंबर 2026 तक सभी अधिसूचित बांधों से जुड़े अनिवार्य सुरक्षा कार्य पूरे करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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