2% डीआर, 88 माह के एरियर, कैशलेस इलाज और अतिरिक्त पेंशन समेत मांगों पर प्रस्ताव पारित; जनवरी 2027 में बस्तर में होगी अगली बैठक
बिलासपुर, 7 सितंबर, वाय के न्यूज। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक रविवार को बिलासपुर के नेहरू चौक के पास जल संसाधन परिसर स्थित प्रार्थना भवन में हुई। बैठक में प्रदेशभर के जिला एवं संभाग अध्यक्षों, प्रांतीय पदाधिकारियों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और कार्यसमिति सदस्यों ने हिस्सा लिया। पेंशनरों की लंबित मांगों पर चर्चा के बाद 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। महासंघ ने कहा कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रांताध्यक्ष को अधिकृत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ भाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक तथा साहित्यकार डॉ. विनय पाठक ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया।
‘पेंशनर न रिटायर होते हैं, न टायर्ड’
डॉ. विनय पाठक ने कहा कि पेंशनर न कभी रिटायर होते हैं और न टायर्ड होते हैं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद पुनः प्रवृत्ति की ओर बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने ईमानदारी, अनुशासन और निष्ठा के आधार पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का पेंशनर वर्ग महासंघ के नेतृत्व पर भरोसा कर रहा है, क्योंकि यही संगठन पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करने की क्षमता रखता है। डॉ. पाठक ने महासंघ की पहल से पेंशनरों को महंगाई राहत के भुगतान के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच सहमति की अनिवार्यता समाप्त होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास में पेंशनरों से योगदान देने का आग्रह भी किया।
2% डीआर के लिए आंदोलनात्मक कार्यक्रम
प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने संगठन के उद्देश्यों, कार्ययोजना और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने 2 प्रतिशत डीआर की मांग को लेकर जिला एवं संभाग स्तर पर अलग-अलग तिथियों में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर और कमिश्नर के माध्यम से प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए पदाधिकारियों का आभार जताया।
उन्होंने महासंघ के स्थापना दिवस 3 अगस्त के अवसर पर पूरे अगस्त माह जिलों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के लिए भी पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने आगामी 17 दिसंबर को राष्ट्रीय पेंशनर दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्य सचिव से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हुई चर्चा की जानकारी भी बैठक में दी।
17 प्रस्तावों में ये मांगें प्रमुख
बैठक में राज्य सेवा के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को केंद्र के समान 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत डीआर देने, पेंशन मामलों में दोहरी नीति समाप्त करने और मध्यप्रदेश से सहमति की अनिवार्यता समाप्त होने के बाद 88 माह के बकाया डीआर एरियर का भुगतान करने की मांग की गई।
इसके अलावा “न मांग न जांच” प्रमाणपत्र समय पर जारी करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, हाईकोर्ट के निर्देश के अनुरूप दैनिक वेतनभोगियों की संपूर्ण सेवा को पेंशन गणना में शामिल करने तथा छठवें और सातवें वेतनमान के क्रमशः 36 और 32 महीने के एरियर का भुगतान करने का प्रस्ताव पारित हुआ।
महासंघ ने 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन वृद्धि, पेंशन कल्याण मंडल का पुनर्गठन, वरिष्ठ नागरिकों को बस यात्रा में रियायत, कम्यूटेशन वसूली अवधि घटाने, सेवानिवृत्ति के दिन सभी भुगतान सुनिश्चित करने, आधिक्य वसूली पर रोक लगाने की मांग भी की।
इसके साथ जिला एवं संभाग मुख्यालयों में पृथक पेंशन सुविधा केंद्र और पेंशन कार्यालय स्थापित करने, वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग का गठन करने तथा पेंशनर के निधन पर परिजनों को 25 हजार रुपये एग्रेसिया सहायता राशि देने की मांग भी शामिल है।
तीन पदाधिकारियों का सम्मान
बिलासपुर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने अतिथियों का स्वागत किया और मुख्य अतिथि डॉ. विनय पाठक को प्रतीक चिन्ह, शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में देशभर में सर्वाधिक आजीवन सदस्य बनाने के लिए दुर्ग जिला अध्यक्ष बीके वर्मा, नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के सभी जिलों में महासंघ को गतिशील करने के लिए बस्तर संभाग अध्यक्ष आरएन ताटी तथा स्वयं के प्रयास से प्रदेश में सर्वाधिक आजीवन सदस्य बनाने के लिए प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष द्रौपदी यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीके वर्मा, राष्ट्रीय मंत्री अनिल गोल्हानी, रामनारायण ताटी, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य परमेश्वर स्वर्णकार, एमएन पाठक तथा कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जेपी मिश्रा उपस्थित रहे।
इसके अलावा प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष, संभागीय अध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी और कार्यसमिति सदस्य बैठक में शामिल हुए। संगठन मंत्री टीपी सिंह ने संगठन गीत का सामूहिक गायन कराया और जिला बैठकों की शुरुआत भारतमाता आराधना गीत से करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने किया तथा आभार प्रदर्शन बिलासपुर संभागीय अध्यक्ष राजेंद्र कश्यप ने किया।
जनवरी 2027 में बस्तर में होगी अगली बैठक
कार्यसमिति ने अगली प्रांतीय कार्यसमिति बैठक जनवरी 2027 में बस्तर संभाग में आयोजित करने का निर्णय लिया। बैठक के अंत में महासंघ के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
