संत धनंजय साहेब बोले—शिक्षक बुराइयों को दूर कर बनाता है उत्तम मानव
भिलाई नगर, 7 सितंबर, वाय के न्यूज। नेहरू नगर स्थित निर्मल ज्ञान मंदिर, कबीर आश्रम के सभागार में 5 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्राध्यापक श्रीमती रुक्मणि साहू और सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री पुनाराम साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत कबीर साहेब की वंदना और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। श्रीमती डालेश्वरी साहू ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गान प्रस्तुत किया। श्री रामाधार साहू ने अतिथियों का परिचय दिया।
आश्रम के अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षक श्री आत्माराम साहू ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कोषाध्यक्ष खिलावन प्रसाद साहू ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और उनके शिक्षा के क्षेत्र में योगदान की जानकारी दी।
संत श्री धनंजय साहेब ने कहा कि जिस तरह एक कारीगर अनगढ़ पत्थर को तराशकर सुंदर और पूजनीय मूर्ति बना देता है, उसी तरह शिक्षक मनुष्य की बुराइयों को दूर कर उसे श्रेष्ठ मानव बनाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से हमें अनेक प्रकार की जानकारी मिल सकती है, लेकिन वास्तविक शिक्षा सद्गुरु से प्राप्त होती है।
मुख्य अतिथि श्री पुनाराम साहू ने शिक्षा के पाठ्यक्रम में कृषि को भी शामिल किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़ी शिक्षा विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी जोड़ सकती है।
कार्यक्रम में प्रमुख ट्रस्टी डॉ. हीरालाल, उपाध्यक्ष प्रेमादास, शिव साहू, फकीर राम, विनोद कुमार सहित महिला समिति की सदस्य लक्ष्मी, सरस्वती, संतमती आदि उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती उर्मिला साहू ने किया। अंत में अतिथियों एवं शिक्षकों का सम्मान किया गया।
